जबलपुर। नर्मदा नदी में होने वाले अवैध खनन को रोकने के लिए अब नए तरीके पर काम किया जाएगा। जिन इलाकों में अवैध खनन किया जा रहा है, वहां की फोटो कोई भी व्यक्ति प्रशासन के वाट्सएप ग्रुप या एप पर भेज सकेगा। फोटो भेजने के साथ व्यक्ति को उस जगह के बारे में बताना होगा। इसके बाद प्रशासनिक दल उस खनन वाले इलाके पर छापा मारेगा। वर्तमान में खनन को रोकने के लिए जगह-जगह छापेमारी करनी होती है। लेकिन दल के पहुंचने से पहले ही खनन माफिया भाग जाते हैं। इस हफ्ते में जिला ई गवर्नेंस शाखा वाट्सएप नंबर और एप को सार्वजनिक करेगा।

ग्रुप में फोटो आते ही कार्रवाई

- कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने बताया कि जो व्यक्ति खनन की फोटो अपलोड करेगा, वहां मौके पर क्षेत्रीय पुलिस टीम, खनिज विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारियों को तत्काल जाना होगा। जिससे अवैध खनन को रोका जा सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके।

- जो व्यक्ति खनन वाली फोटो भेजेगा, उसका नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। जिससे खनन माफिया से उस व्यक्ति को किसी तरह का खतरा न उठाना पड़े।

रोजाना होगी मॉनीटरिंग

- वाट्सएप या एप नंबर जारी होने पर रोजाना की मॉनीटरिंग की जाएगी। कलेक्टर ने जिला ई गवर्नेंस शाखा के जरिए इस सिस्टम को प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस थाना प्रभारी, खनिज विभाग, स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को इस ग्रुप से जोड़ा जाएगा।

- जिस नंबर से फोटो मिलेगा, उस व्यक्ति से अधिकारी तत्काल बात करेंगे। जिससे खनन वाली जगह तक आसानी से पहुंचा जा सके।

वाहन होंगे राजसात

- अवैध खनन वाले सभी डम्पर, ट्रक और ट्रैक्टरों को जब्ती के बाद छोड़ने की कार्रवाई नहीं होगी। अभी तक 6 से ज्यादा वाहनों को राजसात करने के आदेश जारी हो चुके हैं। कलेक्टर ने खनिज विभाग को राजसात करने वाले प्रस्ताव बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा खनन माफिया को भी जेल भेजने के निर्देश मिले हैं।

- वर्तमान में दो आरोपी जेल में हैं और उनकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है।