जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। Jabalpur News : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के समीपी कस्बे कटंगी में बीते साल 6 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर लाश सेप्टिक टैंक में फेंकने के आरोपित युवक को दी गई फांसी की सजा का आदेश संशोधित कर दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसकी अवधि 30 साल होगी।

सुधार की गुंजाइश

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी व जस्टिस अंजुलि पालो की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित 19 साल का नौजवान है। उसमें सुधार की पूरी गुंजाइश है। लिहाजा, यह मामला विरलतम से विरल की श्रेणी में नहीं आता।

क्या था मामला

अभियोजन के अनुसार 19 अगस्त 2018 को कटंगी निवासी युवक व उसकी पत्नी धान का रोपा लगाने खेत गए थे। शाम को जब वे घर आए तो बेटी नहीं मिली। उन्होंने भतीजे से पूछा कि उसकी बेटी कहां है। उसने बताया कि बच्ची को चॉकलेट खिलाने के बाद बाइक पर घुमाकर छोड़ दिया था। 20 अगस्त को पुलिस से शिकायत की गई। उससे कड़ाई से पूछताछ पर उसने बताया कि दुष्कर्म के बाद लाश सेप्टिक टैंक में फेंकी थी। जहां से लाश बरामद की गई ।

17 दिसम्बर को सुनाई थी फांसी की सजा- 27 अगस्त को कोर्ट ने आरोपित के खिलाफ भादंवि की धारा 302, 376 एबी, 376 (2) (एफ), 376 (च), 363, 201, 377, 366 (क ) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 एवं 5/6 के तहत आरोप तय किए। 17 दिसंबर 2018 को सेशन कोर्ट ने आरोपित को अपराधी करार देकर मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसले को पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजा गया। वहीं आरोपित ने भी इसके खिलाफ अपील की। दोनों की सुनवाई साथ की गई। इसके बाद सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखकर सेशन कोर्ट का पूर्वादेश संशोधित कर दिया गया।