जबलपुर। आंधी-तूफान में बिजली सप्लाई बाधित होना और उसे बार-बार सुधारना। इसे लेकर घनी आबादी वाले इलाकों में बिजली विभाग को मुश्किलें हो रहीं हैं। ऐसे में बिजली लाइन को ही अंडरग्राउंड करने की तैयारी हो रही है। शहर के करीब 80 किलोमीटर इलाके की बिजली लाइन को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव बनाया गया है। 16 मई को इस संबंध में भोपाल में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक होगी। जिसमें प्रस्ताव पर फाइनल मुहर लगेगी।

शहर को खूबसूरत बनाने और बिजली की चोरी को रोकने के लिए बिजली कंपनी कई इलाकों की सप्लाई को अंडरग्राउंड करवाना चाहती है। इस संबंध में सभी नगर संभागों से ऐसे इलाकों को चिन्हित करने को कहा गया है जहां बिजली की चोरी अधिक हो रही है। फॉल्ट बार-बार आ रहे हैं। इन जगहों पर स्थाई समाधान करने की कोशिश होगी।

कई नए इलाके भी होंगे शामिल

बिजली कंपनी ने प्रारंभिक प्रस्ताव में करीब 6 इलाकों को 11 केवी की अंडरग्राउंड सप्लाई के लिए चिन्हित किया है। पिछले दिनों 6 मई को इस संबंध में बैठक हुई थी। जिसमें कई इलाके वो चिन्हित हुए थे जो हाल ही में आरएपीडीआरपी योजना के तहत हैं। इनका 5 साल मेंटेनेंस ठेका कंपनी को करना है। इसलिए उन इलाकों को शामिल किया जाएगा जिनका मेंटेनेंस का जिम्मा बिजली कंपनी के पास है।

अंडरग्राउंड लाइन के फायदे

- बिजली लाइन अंडरग्राउंड होने से आंधी-तूफान का असर नहीं होगा। गर्मी में धूप से लाइन खराब नहीं होगी। लाइन टूटेगी नहीं। इसका हर छमाही मेंटेनेंस का झंझट भी नहीं होगा।

- अंडरग्राउंड सप्लाई होने से बिजली की चोरी नहीं हो पाएगी। इससे लाइन लॉस कम होगा।

- फॉल्ट बेहद कम हो जाएंगे। उपभोक्ता को बेहतर सप्लाई मिलेगी।

- बिजली के खंभे जो सड़कों को घेरे हुए रहते हैं वो नहीं रहेंगे। खुली जगह दिखेगी। खूबसूरती बढ़ेगी।

ये इलाके अंडरग्राउंड के लिए चिन्हित

- हाथीताल

- गोरखपुर

- बजरिया गढ़ा

- ठक्करग्राम

- सदर

- उखरी

बिजली सप्लाई को अंडरग्राउंड करने के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। इससे फॉल्ट और मेंटेनेंस दोनों में बहुत कमी आएगी। प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है।

-आईके त्रिपाठी, अधीक्षण यंत्री शहर