जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। Jabalpur News : मुख्य रेलवे स्टेशन की रिमॉडलिंग के दौरान रेलवे कम से कम पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करेगा। स्टेशन पर काम चलता रहे और ट्रेनों की आवाजाही भी जारी रहे, इसके लिए जबलपुर स्टेशन में 40 साल से ज्यादा पुरानी तकनीक नॉन इंटरलॉकिंग का उपयोग होगा। इस तकनीक से पैसेंजर ट्रेनों को आउटर से प्लेटफार्म तक लाने और ले जाने की जिम्मेदारी प्वाइंटमेन की होगी। आउटर पर ट्रेन आते ही प्वाइंटमेन इंजन के आगे चलेगा। इस दौरान वह हर प्वाइंट को मैन्युअली लॉक करते हुए चलेगा।

इस तकनीक से एक ट्रेन को स्टेशन के एक ओर से दूसरी ओर तक ले जाने में तकरीबन 30 से 40 मिनट का वक्त लगेगा, जबकि सामान्य तौर पर इस काम में 5 से 8 मिनट का समय लगता है। इस दौरान पूरी तरह से सिग्नल बंद होंगे।

पैसेंजर ट्रेनों को दी जाएगी राहत

1 जुलाई से 30 दिन तक मुख्य रेलवे स्टेशन की रिमॉडलिंग का काम होगा, जिसमें लगभग 80 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द, आंशिक रद्द और रूट बदलना था, लेकिन रेलवे बोर्ड और पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी इस दौरान कम से कम ट्रेनों को प्रभावित करने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए कई ऐसी तकनीक का उपयोग होगा, जिसका उपयोग रेलवे सालों पहले किया करता था। इनमें से एक नॉन इंटरलॉकिंग भी है। इसका प्रयोग रूट रिले इंटरलॉकिंग फेल होने पर प्वाइंट और सिग्नल, दोनों एक साथ ऑपरेट नहीं होते।

पटरियों के पास गुमटियां बनाकर रहेंगे प्वाइंटमेन

स्टेशन की रिमॉडलिंग के दौरान इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग, सिग्नल एण्ड कम्यूनिकेशन और मैकेनिकल विभाग के 500 से ज्यादा कर्मचारी-अधिकारी काम करेंगे। पहली बार इतने बड़े स्तर पर काम हो रहा है, इसके लिए दूसरे रेल मंडल से भी एक्सपर्ट को बुलाया जा रहा है। वे हर ट्रेनों को नॉन इंटरलॉगिंग सिस्टम से निकालेंगे। एक ट्रेन को निकालने में 10 से 12 प्वाइंटमेन काम करेंगे। इस दौरान पटरियों के पास प्वाइंटमेन गुमटियां बनाकर रहेंगे।

150 सिग्नल और 350 प्वाइंट पर रख रखेंगे एक्सपर्ट

अभी- जबलपुर रेलवे स्टेशन पर अभी ट्रेनों को प्लेटफार्म पर लेने और रवाना करने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक का उपयोग करते हैं। इनमें सिग्नल और प्वाइंट एक साथ ऑपरेट होते हैं। इन्हें रूट रिले इंटरलॉगिंग (आरआरआई) से ऑपरेट किया जाता है

अब- रिमॉडलिंग के दौरान स्टेशन के तकरीबन 150 से ज्यादा सिग्नल और 350 प्वाइंट को मैन्युअली ऑपरेट किया जाएगा। 24 घंटे इन ट्रेनों पर रेलवे के एक्सपर्ट की नजर होगी। प्लेटफार्म 1 को भी बंद किया जाएगा। इस पर आने वाली ट्रेनों को प्लेटफार्म 2 पर लिया जाएगा।