जबलपुर। परिवहन मंत्रालय ने 1 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन, नंबर प्लेट लगने के बाद ही वाहन शो-रूम से बाहर निकालने के नियम तो लागू कर दिए। लेकिन जिले में अभी तक इस पर अमल शुरू नहीं हो पाया है। क्योंकि इसमें सबसे बड़ा पेंच नंबर प्लेट को लेकर फंस रहा है। यही वजह है कि नियम लागू होने के बाद भी वाहनों की डिलीवरी पहले दी जा रही और रजिस्ट्रेशन बाद में कराए जा रहे। जबकि नई व्यवस्था के तहत शो-रूम से वाहन खरीदने के लिए पहले उनका रजिस्ट्रेशन होगा और बाद में डिलीवरी दी जाएगी। वाहन निर्माता कंपनी अपने सभी डीलरों को खुद नंबर प्लेट बनाकर देगी और डीलर नंबर प्लेट लगाने के बाद ही खरीददारों को वाहन डिलीवर करेंगे।

वाहनों का वीआईडी नंबर देना होगा

अभी तक शो-रूम से सेल लेटर बनाकर वाहन मालिक को वाहन दे दिया जाता है। तीन-चार दिन बाद वीआईडी नंबर जारी कर रजिस्ट्रेशन के लिए कागज आरटीओ भिजवाए जाते हैं। इस नियम के बाद अब डीलरों को तत्काल ही वीआईडी नंबर जारी करना होगा। नंबर जारी होते ही ऑटोमेटिक सीरीज से रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा।

नंबर प्लेट का फंस रहा पेंच

परिवहन विभाग ने नए नियम तो लागू कर दिए। लेकिन इसमें सबसे बड़ा पेंच नंबर प्लेट का बताया जा रहा है। शो-रूम संचालकों की माने तो सुरक्षा के लिहाज से शो-रूम से वाहनों की डिलीवरी के पहले हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना होगा। लेकिन प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने की एजेंसी ही तय नहीं हो पाई है। हालांकि कुछ वाहन डीलर को किए गए मेल में गुजरात की कंपनी से डील होने की जानकारी दी जा रही है।

नई व्यवस्था के फायदा

- बिना नंबर के वाहन सड़क पर नहीं चलेंगे।

- दुर्घटना होने पर रजिस्ट्रेशन के आधार पर वाहन की पहचान हो सकेगी।

- जल्द मिलेंगे रजिस्ट्रेशन नंबर ग्राहकों को अलग से पैसे खर्च कर नंबर प्लेट नहीं लगवानी पड़ेगी।

यह होगा नुकसान

- जिन लोगों को तय मुहुर्त में वाहन घर ले जाना होगा। वह उस दिन वाहन नहीं ले जा सकेंगे।

- पहले वाहन पंसद करना होगा फिर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करानी होगी।

- वाहन रजिस्ट्रेशन से लेकर नंबर प्लेट लगवाने के बाद ही डिलेवरी मिल पाएगी।

नियम तो यही है कि रजिस्ट्रेशन, नंबर प्लेट लगने के बाद ही शो-रूम से वाहनों की डिलीवरी हो। शासन की अधिसूचना के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

संतोष पाल, आरटीओ