जबलपुर। ट्रेनों की लंबी वेटिंग से राहत देने वाली स्पेशल ट्रेनें इस सीजन नहीं चलेंगी, जिससे पैसेंजर की मुश्किल बढ़ना तय है। इन ट्रेनों को पैसेंजर ही नहीं मिल रहे हैं। हालात यह है कि पूरी ट्रेन में 10 से 20 पैसेंजर ही सफर कर रहे हैं। पश्चिम मध्य रेलवे की अधिकांश स्पेशल ट्रेनों की हालत यही है। रेलवे बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे समेत सभी जोन और मंडल को स्पेशल ट्रेन न चलाने की हिदायत दी है। यही वजह है कि 25 सितंबर से शुरू हो रहे पितृपक्ष में हर साल जबलपुर से गया के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाती थी, लेकिन इस बार पमरे के ऑपरेटिंग विभाग ने इसे नहीं चलाने का निर्णय लिया है।

इन स्पेशल ट्रेनों के हालात खराब

1. जबलपुर-सिकंदराबाद स्पेशल

- जबलपुर से सिकंदराबाद जाने वाली ट्रेन को सिर्फ 6 फीसदी पैसेंजर मिले

- सिकंदराबाद से जबलपुर आने वाली स्पेशल को सिर्फ 2 फीसदी पैसेंजर मिले

2. भोपाल-रीवा स्पेशल

- भोपाल से रीवा जाने वाली ट्रेन में 2 फीसदी ने रिजर्वेशन कराया

- रीवा से भोपाल जाने वाली ट्रेन में सिर्फ 2 फीसदी ने सफर किया

3. जबलपुर-संतरागाछी स्पेशल

- जबलपुर से संतरागाछी जाने वाली हमसफर को 7 फीसदी पैसेंजर मिले

- संतरागाछी से आने वाली हमसफर में भी यही हाल रहा

4. जबलपुर-त्रिवेन्द्रम स्पेशल

- जबलपुर से जाने और आने वाली ट्रेन को सिर्फ 27 फीसदी पैसेंजर मिले रहे हैं

सीजन में 20 से ज्यादा स्पेशल की डिमांड

पश्चिम मध्य रेलवे ने जबलपुर, भोपाल और कोटा स्टेशन से तकरीबन 20 से 22 स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी की थी। जबकि हर रेल मंडल से 10-10 स्पेशल ट्रेन चलाने की डिमांड की। इनकी जानकारी जोन से बोर्ड को भी भेज दी, लेकिन अभी तक इनकी स्वीकृति नहीं मिली है। बोर्ड के अधिकारियों ने जोन से स्पष्ट कह दिया है कि जिन ट्रेन, रूट में स्पेशल चल रही हैं और पैसेंजर नहीं मिल रहे, वहां से स्पेशल हटा दी जाए। इधर बोर्ड को भेजी गई स्पेशल ट्रेन की डिमांड को भी रोक दिया है।

मालगाड़ी पर ज्यादा फोकस

रेलवे अब स्पेशल ट्रेन को हटाकर खाली ट्रैक पर मालगाड़ी चलाने पर जोर दे रहा है। जोन को भी जबलपुर मंडल में बीना-कटनी-सिंगरौली रेल रूट को पैसेंजर ट्रेनों में व्यस्त रखने की बजाय मालगाड़ी के लिए खाली रखने कहा गया है। इधर बोर्ड ने भी जोन के अधिकारियों को स्पेशल से ज्यादा मालगाड़ी चलाने के लिए हर संभव प्रयास करने कहा है, ताकि रेलवे की आय में इजाफा हो सके। यही वजह है कि विद्युतीकरण के काम पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, ताकि मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ सके।

इन स्पेशल ट्रेनों को चलाने की थी मांग

- जबलपुर से गया स्पेशल

- रीवा से मुम्बई स्पेशल

- जबलपुर से पटना

- जबलपर से रायपुर

- जबलपुर से पुणे

- जबलपुर से इलाहाबाद