जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इन दिनों प्रदेश के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन का रास्ता अपना रहे हैं। संविदा कर्मचारियों के बाद अब वन कर्मचारी भी अपनी 21 सूत्रीय मांगों को पूरा कराने सड़कों पर उतर आए हैं । मंगलवार को सिविक सेंटर में मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ ने प्रदर्शन किया। संघ के जिला अध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के वनकर्मी 24 घंटे जंगल और वन जीव की सुरक्षा कर रहे हैं, इसके बाद भी वे सुविधा और वेतन में आखिरी में खड़े हैं।

महेश मिश्रा ने बताया कि वनांचल में कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां अभी तक दूर नहीं हुई। 21 सूत्रीय मांगों में सबसे पहली मांग वन कर्मचारियों को राजस्व और पुलिस कर्मचारियों के समान वेतन दिया जाए। इसके साथ ही वन कर्मचारियों को सशस्त्र बल घोषित किया जाए। कई बार मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।