जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंडीदीप भोपाल स्थित इंसुलेशन फैक्टरी में क्रेन इंजीनियर राजेश नेमा की मौत के मामले में अलग से आरोपी बनाए गए फैक्टरी प्रबंधन के जेपी श्रीवास्तव और आरएल चतुर्वेदी की रिवीजन पर पुनः सुनवाई की व्यवस्था दे दी है। पूर्व में उनकी रिवीजन तकनीकी आधार पर खारिज कर दी गई थी। लिहाजा, रिवीजन को पुनः सुने जाने की मांग के साथ आवेदन पेश किया गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

गुरुवार को न्यायमूर्ति एसके पालो की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान रिवीजनकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रमेश कुमार ताम्रकार ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि गलत ढंग से चलाने के कारण क्रेन गिर गई थी, जिससे क्रेन इंजीनियर राजेश नेमा की मौत हो गई थी। जांच के बाद प्रथम दृष्ट्या क्रेन इंचार्ज सुरेशचंद चौहान को आरोपी बनाया गया था। लेकिन बाद में मृतक के परिजनों की मांग पर फैक्टरी प्रबंधन के जेपी श्रीवास्तव और आरएल चतुर्वेदी को भी आरोपी बना लिया गया। इसी रवैये के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसे खारिज किए जाने के कारण हाईकोर्ट की शरण ली गई है।