जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी सातवें वेतनमान सहित अन्य 7 सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सभा कक्ष के सामने बैठकर सद्बुद्घि यज्ञ किया। शुक्रवार को सभी कर्मचारी अर्द्घनग्न होकर ग्वारीघाट पहुंचेंगे और वहां प्रदर्शन कर भिक्षा मांगेंगे।

नगर निगम तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पंडित राम दुबे नेतृत्व में शुरू हुई हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। नगर निगम मुख्यालय सहित सभी संभागीय कार्यालयों में पूरे दिन ताला लटके रहे। कर्मचारी कार्यालय समय पर ही निगम मुख्यालय में उपस्थित हुए और धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सभी ने सद्बुद्घि यज्ञ किया जिसमें अधिकारियों के नाम की आहुति डाली गई। इसके बाद कर्मचारी पूरे दिन महापौर कार्यालय के सामने बैठे रहे, लेकिन उनसे मिलने कोई अधिकारी नहीं आया। इसके बाद शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया। सभी कर्मचारी शुक्रवार की सुबह नर्मदातट ग्वारीघाट पहुंचेंगे। यहां अर्द्घनग्न होकर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान कर्मचारी भिक्षा भी मांगेंगे और जो राशि मिलेगी वह राज्य शासन को भेजी जाएगी। हड़ताल में तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी संघ के समर्थन में नगर निगम नगर पालिका कर्मचारी संघ, अजाक्स एवं भारतीय मजदूर संघ के अलावा निगम के और संगठन भी शामिल रहे।

मुख्यालय के लगाए 7 फेरे

सद्बुद्धि यज्ञ शुरू करने से पहले सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय के साथ फेरे लगाए। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सत्तापक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों की संख्या बुधवार की तुलना में ज्यादा रही।

परेशान हुए लोग

नगर निगम में हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी ताला लटका रहा और अपने काम लेकर पहुंचने वाले लोग परेशान होते रहे। इस दौरान पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र तथा समग्र आईडी बनवाने वाले अधिक संख्या में नगर निगम पहुंचे जिन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

निगमायुक्त के आदेश का असर नहीं

नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए निगमायुक्त चंद्रमौलि शुक्ला ने बुधवार की शाम को ही सभी विभागों को आदेश जारी कर दिए थे। इस आदेश के तहत उन्होंने जानकारी मांगी थी कि किस विभाग के कौन-कौन से कर्मचारी हड़ताल पर रहे, लेकिन इस आदेश का अधिकारी-कर्मचारियों पर कोई असर नहीं दिखा, बल्कि बुधवार की तुलना में गुरुवार को हड़ताली अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या ज्यादा नजर आई।