जबलपुर। सिविल लाइंस स्थित लेनार्ड हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 8वीं की छात्रा बुधवार की सुबह 10.15 बजे लंच ब्रेक के दौरान छोटे भाई को टिफिन देने के बहाने स्कूल परिसर में ही स्थित प्राइमरी की बिल्डिंग में पहुंची और दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। इस दौरान शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी उसे रोकने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। कुछ शिक्षक छात्रा को रोकने के लिए सीढ़ियों से ऊपर की ओर भी भागे, लेकिन तब तक वह बिल्डिंग से कूद पड़ी।

इस दौरान स्कूल के प्यून ने समझदारी दिखाते हुए लोहे के एंगल निकले गेट को बंद कर उस पर अपना हाथ रख लिया। जिस कारण छात्रा गेट पर गिरने की बजाए प्यून के हाथ पर गिरने के बाद जमीन से टकराई। इससे उसकी जान तो बच गई पर पैर फ्रैक्चर हो गए।

स्कूल में मचा हड़कंप

घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में छात्रा को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से परिजन उसे इलाज के लिए नागपुर लेकर चले गए। सिविल लाइंस पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद जांच शुरू कर दी है।

इंचार्ज ने जाने से रोका था

प्राइमरी की प्रभारी इंचार्ज लिनएन डिलाइमा ने बताया कि विद्यार्थियों को निर्धारित परिसर के अलावा दूसरे परिसर में जाने की अनुमति नहीं है। लंच ब्रेक के दौरान कक्षा आठवीं की छात्रा मिडिल की बिल्डिंग से निकलकर प्राइमरी भवन की तरफ जा रही थी। उन्होंने स्कूल के नियम बताते हुए उसे रोका तो छात्रा ने बताया कि वह छोटे भाई को टिफिन देने जा रही है, इसलिए अनुमति दे दी। उसने भाई को टिफिन दिया या नहीं इसकी जानकारी नहीं, लेकिन कुछ ही देर बाद व दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश करती हुई नजर आई।

छात्रा के बैग में मिला पत्र

स्कूल प्रबंधन ने बताया कि छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसका स्कूल बैग चेक किया गया तो उसमें पत्र मिला। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक छात्रा सिविल लाइंस क्षेत्र में ही रहती है। उसके परिजन रोजाना उसे स्कूल छोड़ने व घर ले जाने के लिए आते थे। प्रबंधन ने सिविल लाइंस पुलिस को भी पत्र की जानकारी दी है। उधर, पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि छात्रा को एक दिन पहले विद्यालय में किसी टीचर ने प्रताड़ित किया था। जिसकी वजह से वह परेशान थी। इसी के कारण उसने यह कदम उठाया है।

जिस गेट को प्यून ने बंद किया उसमें निकले थे एंगल

छात्रा को बिल्डिंग से कूदने की कोशिश करते देख स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थीं हैरान रह गए। छात्रा जिस जगह पर कूदकर आत्महत्या करना चाह रही थी, वहां नीचे लोहे का गेट लगा था, जिसके नुकीले एंगल बाहर की तरफ निकले हैं। स्कूल का प्यून राजेश समद भी वहीं पर खड़ा होकर छात्रा को कूदने से रोक रहा था। तभी उसकी नजर गेट के एंगल पर पड़ी। यह सोचकर की छात्रा गेट के ऊपर गिरी तो गंभीर हादसा हो सकता है, उसने बिना देर किए गेट बंद कर दिया। इसी बीच छात्रा दूसरी मंजिल से कूद पड़ी और समद के हाथों पर आ गिरी, जिससे उसे गंभीर चोटें तो आईं, लेकिन जान बच गई।

दो बेटों को खो चुका हूं, एक ही बेटी है, टीचर करती है परेशान

मैं अपने दो बेटों को उनके जन्म के समय ही खो चुका हूं। सिर्फ एक बेटी है, जिसे बहुत प्यार करता हूं। घर में कभी किसी ने उसे टार्चर नहीं किया। बेटी ही अक्सर शिकायत करती थी कि स्कूल में उसे शिक्षक द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। मैं उसे समझाता था कि शिक्षकों की डांट-फटकार का बुरा नहीं मानना चाहिए। स्कूल की खराब हालत देखते हुए मैं कहीं और एडमिशन कराना चाह रहा था, लेकिन यह घटना हो गई।

(जैसा की छात्रा के पिता ने दूरभाष पर कहा)

रोकने पर भी नहीं मानी

हम लोग चीखते-चिल्लाते रह गए, लेकिन छात्रा ने आत्महत्या के इरादे से स्कूल की बिल्डिंग से छलांग लगा दी। प्यून ने गेट बंद कर दिया था, वरना गंभीर हादसा तय था। सिविल लाइंस पुलिस को घटना की और छात्रा के बैग में मिले पत्र की जानकारी दी गई है।

- सी लोबो, प्रभारी इंचार्ज, लेनाई हायर सेकंडरी स्कूल

कर रहे मामले की जांच

नार्ड स्कूल में हुई घटना की जांच के निर्देश एसपी ने दिए हैं। स्कूल प्रबंधन से घटना की जानकारी ली गई है। सीसीटीवी फुटेज भी मांगे गए हैं। जांच के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा।

- शशिकांत शुक्ला, सीएसपी