जबलपुर। लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया में राजनीतिक पोस्ट की शिकायतें बढ़ गई हैं। निर्वाचन आयोग ने पहले ही सोशल मीडिया निगरानी के निर्देश जारी किए थे, लेकिन नए दिशा-निर्देश मिलने पर गुरुवार को तीसरा मॉनिटरिंग सेल खोला गया। जिला ई-गवर्नेंस शाखा के कर्मचारी प्रत्याशियों, राजनीतिक लोगों के अलावा आम जनता की तरफ से डाली गई चुनावी पोस्ट की जांच करने लगे हैं। वहीं मीडिया मॉनिटरिंग सेल और पुलिस विभाग के सायबर सेल में नजर रखी जा रही है। आयोग ने इस बार सायबर व कानूनी धाराओं के तहत प्रकरण कायम करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिला निर्वाचन कार्यालय को प्राप्त शिकायतों की भी पहले जांच की जाएगी। यदि किसी पोस्ट में आपत्तिजनक सामग्री मिलेगी तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।

12 धाराओं का दिया हवाला

- अभी तक सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि माध्यमों में पोस्ट डालने पर सामान्य कार्रवाई देखने मिलती थी, लेकिन इस बार आयोग ने आईपीसी और सायबर क्राइम जैसी 12 धाराओं का लिखित में हवाला दिया है। धार्मिक भावना भड़काना, चुनावी प्रचार के दौरान अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी करना, अशांति फैलाना या अन्य मामलों में कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

- इससे पहले मीडिया मॉनिटरिंग सेल और पुलिस विभाग के सायबर सेल भी इसी तरह की निगरानी में जुटे थे। दर्ज हो चुकी शिकायतों की जांच पहले की जाएगी। इसके अलावा सामान्य पार्टी कार्यकर्ताओं या पदाधिकारियों, राजनीतिक लोगों की पोस्ट भी देखी जाएगी। यदि किसी पोस्ट में गड़बड़ी मिली तो सीधे कार्रवाई का प्रस्ताव पोस्ट डालने वाले व्यक्ति या उस पोस्ट को शेयर करने वालों पर होगी।