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जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) द्वारा अगले साल यानी वर्ष 2020 में आयोजित की जाने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए विषय परिवर्तन की अंतिम तिथि 15 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। इस तिथि के बाद संबंधित कक्षाओं के छात्र अपने विषयों में बदलाव नहीं कर सकेंगे।

सीबीएसई द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार वैसे विद्यार्थी जो अपने विषयों में परिवर्तन चाहते हैं, उन्हें विषय परिवर्तन का वाजिब कारण बताना होगा। विषय परिर्वतन से पहले स्कूल इस बात का सत्यापन करेगा कि विषय में बदलाव का कारण सही है या नहीं। छात्र-छात्राओं का 9वीं या 11वीं क्लास में कैसा प्रदर्शन रहा, इसकी भी विशेष रूप से जांच की जाएगी। इसके साथ ही स्कूल को छात्र-छात्राओं की ओर से दिए गए आवेदन के दौरान इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि विद्यार्थियों द्वारा बदलाव किए जाने वाले विषय को पढ़ाने के लिए स्कूल में शैक्षणिक स्टाफ उपलब्ध है कि नहीं।

पिछली कक्षा का रिपोर्ट कार्ड देखेंगे

- सीबीएसई द्वारा 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले विषय परिवर्तन के लिए मानक भी तय हैं। यदि विद्यार्थी का स्कूल वही है तो विषय परिवर्तन के लिए छात्र-छात्राओं को पिछली क्लास की रिपोर्ट कार्ड देना होगा।

- यदि विद्यार्थी मेडिकल ग्राउंड पर विषय में बदलाव चाहता तो सरकारी अस्पताल का प्रमाण पत्र उसे उपलब्ध कराना होगा। यदि किसी विद्यार्थी का किसी दूसरे स्कूल में ट्रांसफर का केस है तो ऐसे में विद्यार्थी को पिछले साल के प्रमाण पत्र के साथ ही ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी स्कूल से ही बनाकर देना होगा।

- ऐसे छात्र-छात्राएं जो अपने ही स्कूल में रहते हुए विषय परिवर्तन करना चाहते हैं तो उन्हें पिछली कक्षा यानी 9वीं या 11वीं का रिपोर्ट कार्ड देना होगा।

- विषय परिवर्तन से संबंधित सारे जरूरी दस्तावेज भी विषय परिवर्तन के आवेदन के समय जमा करने होंगे। इन सारी प्रक्रियाओं को पूरा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।

सीबीएसई 15 सितंबर तक देगा मंजूरी

छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की ओर से विषय परिवर्तन का आवेदन मिलने के बाद स्कूल विषय बदलाव के अनुरोध को संबंधित दस्तावेज के साथ 21 जुलाई तक बोर्ड को भेजेगा। अनुरोध में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय 20 अगस्त तक स्कूल को इस बारे में सूचना दे देगा। साथ ही संबंधित कमी को पूरा करने के लिए स्कूल के पास 27 अगस्त तक का समय भी होगा। जबकि 15 सितंबर तक सीबीएसई इस पर अपनी मंजूरी दे देगा।

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स्कूलों में लगेंगी रचनात्मक लेखन के लिए क्लास

जबलपुर। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में अब रचनात्मक लेखन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ विद्यार्थियों को रचनात्मक लेखन के विविध तरीकों से अवगत कराएंगे, ताकि छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा अंक प्राप्त कर सकें। इसके लिए इस सत्र से स्कूलों में अलग-अलग बैच में रचनात्मक लेखन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को उत्तर लिखने की विधि सिखाई जाएगी। सीबीएसई के इस निर्देश को देखते हुए स्कूलों में यह प्लानिंग की जा रही है। इसके अनुसार व्याख्यात्मक वर्ग में लंबे उत्तर पूछे जाते हैं, जिसमें छात्रों को रचनात्मक लेखन करना पड़ता है, उन्हें हर सवाल के हिसाब से स्कोर दिया जाता है। इसके लिए छात्र-छात्राओं को अलग-अलग विषय के हिसाब से उत्तर लिखना है। उसमें डायग्राम, फ्लोचार्ट, फिगर्स का यूज कब और कहां होना चाहिए। उत्तर को पैराग्राफ और बुलेट्स में लिखने के क्या टिप्स हैं, इन सबसे जुड़ी जानकारी इन कक्षाओं में विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की जाएगी।

नए पैटर्न में होगा डेमोः सीबीएसई इस साल से कक्षा 10वीं के सवालों के पैटर्न में बदलाव करेगा। अब वैकल्पिक टाइप में कई तरह के सवाल पूछे जाएंगे। थ्योरी सेक्शन में रचनात्मक उत्तर लेखन खास होगा। इसमें अंक भी ज्यादा मिलेंगे। इसके लिए सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के सवाल के पैटर्न में बदलाव की जानकारी दी है। इसमें वैकल्पिक सवालों के मौजूदा फॉर्मेट में अलग-अलग पैटर्न के सवाल देने का फैसला किया है। इसको लेकर स्कूलों में डेमो दिए जाएंगे। इस सेक्शन के लिए 20 अंक हैं, लेकिन बड़ा बदलाव थ्योरी वाले भाग में होगा। इसके 60 अंक आबंटित होते हैं। इसके माध्यम से क्रिएटिव सवालों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस सत्र में बदलावः इसमें 20 अंक के वास्तुनिष्ठ सवाल आएंगे। इन सवालों के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा। कुछ सवाल मल्टीपल च्वॉइस आंसर के फॉर्मेट में होंगे। इनमें एक सवाल के चार विकल्प दिए जाएंगे। थ्योरी सेक्शन में बदलाव इस सेक्शन में 60 अंक के सवाल आएंगे। बोर्ड इस सेक्शन में सवालों की संख्या कम करेगा। अब हर सवाल के लिए पहले से ज्यादा अंक दिए जाएंगे।