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जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

शिक्षित होना अलग बात है, लेकिन शिक्षा के साथ किसी कौशल को अपने में विकसित करना देश के विकास को दर्शाता है। यही वजह है कि प्रतिस्पर्धी दौर में आज का युवा कौशल विकास पर खास ध्यान दे रहा है। आज 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर ऐसे युवाओं के बारे में जाना, जिन्होंने अपने कौशल पर भरोसा करते हुए न सिर्फ मुकाम हासिल किया, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी वे प्रेरक साबित हो रहे हैं।

आर्ट एंड क्राफ्ट में माहिर

बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा अनुश्री मिश्रा 2 साल से आर्ट एंड क्राफ्ट कर रही हैं। अपने शौक को इन्होंने कौशल में बदल दिया। ये आर्ट एंड क्राफ्ट से जुड़े कई तरह के आइटम्स चंद मिनटों में तैयार कर लेती हैं। इसमें ये वेस्टेज का इस्तेमाल भी करती हैं। लोग इनके बनाए आइटम्स को काफी पसंद करते हैं। ये अब इनके लिए स्वरोजगार भी बन गया है। अपनी शिक्षा के साथ ये आर्ट एंड क्राफ्ट से आय प्राप्त करने लगी हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सामान का प्रचार-प्रसार करती हैं और उन्हें बेचती हैं।

8 साल की उम्र से फैशन डिजाइनिंग का शौक

शासकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज की छात्रा रितुरानी विश्वकर्मा फैशन टेक्नोलॉजी विभाग की छात्रा है। रितुरानी ने बताया कि 8 साल की उम्र से फैशन डिजाइनिंग का शौक रहा है। बचपन में बड़े पापा के घर में जब सभी को सिलाई करते देखती थीं, तब मन में एक ही बात आती थी। एक फैशनडिजाइनर के रूप में अपनी पहचान बनाना है। 12वीं की परीक्षा पास करते ही पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रवेश ले लिया। तीन साल में इस स्किल में इतनी रच बस गई हैं कि एक से बढ़कर एक ड्रेस डिजाइन करती हैं। आगे इसी में अपना करियर बनाना चाहती हैं। इनके डिजाइन सभी को काफी पसंद आते हैं और इसके लिए ऑर्डर भी आते हैं।

यू-ट्यूब से किया कौशल विकास

बीए की छात्रा हर्षा चौकसे एक अच्छी ज्वेलरी डिजाइनर हैं। पिछले दो सालों से ज्वेलरी डिजाइनिंग कर रही हैं। हर्षा ने बताया कि जब बाजार में आकर्षक ज्वेलरी देखती थीं, तो यही लगता था कि इन्हें बनाया कैसे जाता है। एक दिन यू-ट्यूब पर देखा। दो से तीन बार देखकर स्वयं बनाना सीख लिया। स्कूल में जब अपनी ही डिजाइन की हुई ज्वेलरी टीचर को दिखाई तो उन्होंने उसे बेहद पसंद किया। स्कूल से ही कई ऑर्डर मिल गए। कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद कौशल विकास प्रकोष्ठ द्वारा संचालित प्रशिक्षण का हिस्सा बनी और इस कौशल को और बेहतर किया। आज ये आय का जरिया बन चुका है। टेराकोटा के साथ ही कई अन्य ज्वेलरी डिजाइन करती हैं। जिसे इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए लोगों तक पहुंचाती हैं।

विरासत में मिली पेंटिंग की कला

एमए फाइनल ईयर की छात्रा रोशनी गांधी पेंटिंग के साथ ही आर्ट एंड क्राफ्ट करती हैं। इन्होंने बताया कि ये कला इन्हें विरासत में मिली है। मां और बुआ करती थी। उन्हीं से ये कला मुझमें आई। बचपन से ही पेंटिंग कर रही हूं। कॉलेज में पढ़ाई भी इसी विषय के साथ की। आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में आकर सीखा। पेंटिंग बनाना, कपड़ों में पेंटिंग करने के साथ ही आर्ट एंड क्राफ्ट के सुंदर आइटम बनाकर उन्हें सेल करती हूं। ये शौक भी है और आय का साधन भी है।

हेयरकट में एक्सपर्ट

राधेश्याम बंदेवार ने भोपाल से अपना ग्रेजुएशन किया है। हेयर और ब्यूटी का 6 माह का कोर्स किया है। जिसके बाद से ये शहर में पिछले 5 सालों से हेयर कट और मेकअप कर रहे हैं। राधेश्याम बैंक की तैयारी भी कर रहे हैं। इनकी स्किल की वजह से ये अपनी आगे की पढ़ाई को कर पा रहे हैं। इन्होंने बताया कि ये पार्टटाइम जॉब करके आय प्राप्त करते हैं और सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं को देते हैं। हेयर कट में काफी माहिर है। लेटेस्ट फैशन अपडेट के साथ ये अपनी स्किल को हर रोज बेहतर बनाने के कोशिश करते हैं।

स्वरोजगार से जोड़ने का है प्रयास

शासकीय मानकुंवर बाई कॉलेज के स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ.सुलेखा मिश्रा ने बताया कि साल में दो बार 85-85 छात्राओं के दो बैच को विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस तरह से 3 साल में लगभग 500 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से लगभग 260 छात्राएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं। छात्राओं को स्किल डेवलपमेंट कोर्स कराने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे आत्मनिर्भर बनकर कहीं से भी अपना काम कर सकती हैं। ज्वेलरी डिजाइनिंग, फैशन डिजाइनिंग, मेकअप आर्टिस्ट, आर्ट एंड क्राफ्ट ऐसे कोर्स है जिसके लिए उन्हें ज्यादा लागत की जरूरत नहीं होती, वे इसे बेहतर रूप से करके आय प्राप्त कर सकती हैं।

विश्व युवा कौशल दिवस की शुरुआत

किसी भी देश या संस्कृति को उन्नत बनाने के लिए उसमें युवाओं की भागीदारी बहुत ज्यादा महत्व रखती है। अगर वो युवा दूसरों पर निर्भर रहेंगे, तो ऐसे में किसी भी देश की तरक्की करना मुमकिन नहीं है। 15 जुलाई 2015 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने देश की तरक्की में युवाओं के योगदान और उसके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पहली बार विश्व युवा कौशल दिवस मनाने की घोषणा की। तब से हर साल वर्ल्ड यूथ स्किल डे मनाया जा रहा है।