जबलपुर, 13 जुलाई। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अर्न्तगत मृदा विज्ञान के जवाहर जैव उर्वरक उत्पादन केन्द्र द्वारा तरल व पाउडर रूप में ट्राईकोडर्मा बिरिडी का उत्पादन किया जा रहा है जो दलहनी फसलों के लिए उपयोगी जैविक फफूंदनाशक है। यह खेतों में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा प्रथम पंक्ति प्रदर्शन से इससे आशातीत लाभ कृषकों को प्राप्त हो रहे हैं। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि ट्राईकोडर्मा मृदा सूक्ष्म वैज्ञानिकों की एक ऐसी महत्वपूर्ण खोज है जो दलहनी फसलों जैसे-सोयाबीन, अरहर, मूंग उड़द, चना आदि के एक प्रमुख समस्या-उकटा या उगरा रोग (बिल्ट) की रोकथाम में संजीवनी की तरह कार्य करती है।