जबलपुर। रेलवे में डिजायर कार की जगह पर इंडिगो लगाई गई। जबकि अन्य पांच वाहनों के जगह पर दूसरे वाहन लगाए गए। लेकिन किराए की दर उसी वाहन (डिजायर) की जा रही है जिसकी मांग टेंडर में की गई थी। यह खुलासा क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान हुआ। जांच में पता चला कि आरोपितों ने डिजायर कार का नंबर इंडिगो कार में लगा दिया। ताकि कार नंबर से जब जांच की जाए तो वह डिजायर ही मिले। पहले कार की नंबर प्लेट बदलने के कारण इनके चोरी होने का अंदेशा जताया जा रहा था।

6 से अधिक कारें ऐसी

क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एक इंडिगो कार को जब्त किया था। जब उसके नंबर की जांच की, तो वह नंबर डिजायर का था। हालांकि मामला चोरी का नहीं निकला। कार मालिक के पास पूरे दस्तावेज मिले। लेकिन डिजायर की टेंडर में मांग होने के कारण उसने ऐसा करने की जानकारी दी। जबकि ऐसे ही नंबर बदलकर 6 अन्य कारों पर लगाए गए। सभी कारों के नंबरों के आधार पर जांच की जा रही है। ताकि यह पता चल सके कि कार जिसकी है, वही है या नहीं।

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जांच के दौरान चोरी की कारों की जानकारी नहीं मिली है। कार का नंबर बदलकर धोखाधड़ी करने की बात सामने आ रही है। अन्य कारों के भी दस्तावेज की जांच कर रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- संदीप मिश्रा, एएसपी क्राइम