जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने समदड़िया मॉल की जमीन पर अपना दावा ठोंकने वाला शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का आवेदन ठोस आधार के अभाव में खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी व जस्टिस सुजय पॉल की युगलपीठ ने आवेदन पर पूर्व में बहस पूरी होने के बाद सुरक्षित किया गया अपना आदेश शुक्रवार को सुनाया। जिसमें साफ किया गया कि आवेदक समदड़िया मॉल मामले में प्रभावित पक्ष नहीं है। लिहाजा, उसका दावा औचित्यहीन है। इससे पूर्व जनहित याचिकाकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट सुशील मिश्रा की ओर से अधिवक्ता नरिन्दर पाल सिंह रूपराह, समदड़िया मॉल की ओर से अधिवक्ता संजय अग्रवाल, जबलपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह, वीएस श्रोति और आशीष श्रोति और राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता समदर्शी तिवारी ने पक्ष रखा। जबकि शंकराचार्य की ओर से अधिवक्ता नीलम गोयल खड़ी हुईं। हाईकोर्ट ने खसरा नंबर रेखांकित किए जाने के आधार पर पाया कि समदड़िया मॉल जिन खसरा नंबर की जमीन पर बना है, उनका शंकराचार्य द्वारा आवेदित जमीन से कोई सीधा सरोकार नहीं था। अधिवक्ता संजय अग्रवाल की दलीलों से सहमत होकर हाईकोर्ट ने आवेदन खारिज कर दिया।