जबलपुर।

श्री गुजराती नवजीवन मंडल के बुजुर्गों ने गुजराती नाटक मोटा घरनी बहु को स्क्रीन पर देखा। नाटक की कहानी में दिखाया गया कि माता-पिता पांच-पांच संतानों को संभालते हैं लेकिन वहीं पांच संतानें मिलकर माता-पिता को संभाल नहीं पाती। उसके लिए बहु को जिम्मेदार समझते हैं लेकिन कुछ बहुएं ऐसी भी होती हैं जो माता-पिता और बेटे के बीच आए गेप को स्नेह से जोड़कर रखने का कार्य करती हैं। कुछ ऐसी ही बात को मोटा घरनी बहु नाटक में दिखाया गया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में महिला सदस्यों ने भक्ति गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष सुरेश पवारू, सचिव हंसाबेन शाह, चित्राबेन खोड़ियार, केएल सोनी का सहयोग रहा।