जबलपुर।

आज जब गुरु शिष्य परंपरा खत्म हो रही है तो ऐसे में अपने गुरु की स्मृति को जीवित रखने का यह कार्य सराहनीय व अनुकरणीय है। यह बात मप्र नाट्यविद्यालय के निर्देशक संजय उपाध्याय ने कही। अवसर था चंचल बाई कॉलेज परिसर में विवेचना रंगमंडल के नए अभ्यास स्थल के उद्घाटन का। जिसे नई साज-सज्जा के साथ शुरू किया गया। विवेचना रंगमंडल के पहले निर्देशक अलखनंदन की स्मृति में इसे अलग अखाड़ा नाम दिया गया है।

इस अवसर पर देश के वरिष्ठ रंगकर्मी संजय उपाध्याय, आलोक चटर्जी, रवि तनेजा, कन्हैया लाल कैथवास, आनंद सिन्हा, अंशपायन सिन्हा, मनीष जोशी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने-अपने विचार रखे। आयोजन को सफल बनाने में विवेचनारंगमंडल के अरुण पांडे, आशुतोष द्विवेदी, तपन बैनर्जी, विवेक पांडे, संतोष राजपूत, मनीष तिवारी उपस्थित रहे।