जबलपुर।

नगर निगम अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार को ग्वारीघाट में करीब डेढ़ घंटे तक जलसत्याग्रह किया। इसके बाद कर्मचारियों ने अर्द्घनग्न होकर घाट पर ही भिक्षा मांगी। इसमें जो भी राशि मिली उसका ड्राफ्ट बनवाकर मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए भेज दिया गया है। यदि सरकार इसके बाद भी उनकी मांग नहीं मानती है तो निगम कर्मी सोमवार से आवश्यक सेवाओं को भी प्रभावित करने की तैयारी में हैं।

सातवां वेतनमान सहित अन्य 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे नगर निगम अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रखी। सभी कर्मचारी सुबह ही ग्वारीघाट पहुंच गए थे जहां 12 बजे से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक पानी में डूबकर जलसत्याग्रह किया। इसके बाद सभी कर्मचारियों ने अर्द्घनग्न होकर घाट पर ही भीख मांगी। इसके बाद कर्मचारी लौटकर नगर निगम पहुंचे और वहां शाम तक धरने पर बैठे रहे। तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी संघ अध्यक्ष पं. राम दुबे ने बताया कि रविवार तक यदि सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो सोमवार से शहर की सफाई और पानी को भी बंद करने की तैयारी की जा रही है।

आज शहर में मागेंगे भीख

नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल के चौथे दिन शनिवार को शहर में भीख मागेंगे। इस दौरान जो भी राशि भीख में मिलेगी उसे भी ड्राप्ट बनवाकर मुख्यमंत्री सहायता कोष में भेजा जाएगा ताकि सरकार उनकी मांगे मान ले और सातवां वेतनमान जारी कर दे।

नहीं पहुंच रहे अधिकारी

नगर निगम की हड़ताल से निगम के सभी काम-काज प्रभावित हो रहे हैं बावजूद इसके निगम का कोई भी अधिकारी अभी तक हड़ताली कर्मियों से चर्चा करने नहीं पहुंचा है। इतना ही नहीं नगर सरकार की ओर से भी किसी ने कर्मचारी से कोई चर्चा नहीं की है।

परेशान होने लगी जनता

नगर निगम में जारी हड़ताल के कारण सभी विभागों में तीन दिन से ताले लटके हैं। उधर काम कराने निगम पहुंच रही जनता परेशान होने लगी है, क्योंकि उनके कोई भी काम नहीं हो रहे हैं। सफाई, पानी को छोड़ दिया जाए तो निगम की जितनी भी सेवाएं हैं सभी बंद हैं इसी वजह से जनता ज्यादा परेशान है क्योंकि लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र और समग्र आईडी की पड़ रही है।

कुर्सी पर बैठकर निबटाएंगे लोक अदालत का काम

शनिवार को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर नगर निगम उपायुक्त राजस्व पीएन सनखेरे ने कर्मचारियों नेताओं से चर्चा की। कर्मचारी इस बात पर तैयार हो गए हैं कि नगर निगम के सभी कार्यालयों में नेशनल लोक अदालत लगाई जाएंगी इस दौरान कर्मचारी कुर्सी पर बैठकर ही काम निबटाएंगे, कोई भी कर्मचारी फील्ड पर नहीं जाएगा।