जबलपुर। शिक्षक, कर्मचारी ने ई-अटेंडेंस नहीं लगाई तो उनका वेतन नहीं बनेगा, लेकिन इसमें अब यह भी जोड़ दिया गया है कि यदि कोई शिक्षक, कर्मचारी देरी से स्कूल या दफ्तर पहुंचा तो उसका आधे दिन का वेतन भी कट जाएगा। शिक्षक, कर्मचारियों के स्कूल, दफ्तर पहुंचकर एम शिक्षा मित्र एप के जरिए अटेंडेंस लगवाने और उसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी स्कूल के हेडमास्टर व प्राचार्यों की होगी। वहीं ई-अटेंडेंस की डेली रिपोर्ट बनाएंगे और इसी रिपोर्ट के आधार पर वेतन देयक तैयार करेंगे।

ई-अटेंडेंस से जुड़ी ये जानकारी शुक्रवार को मॉडल स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में दी गई। शिविर में एमशिक्षा मित्र के जिला प्रभारी हेमंत खुहटानिया ने जिले के सभी हाई-हायर सेकंडरी स्कूलों के प्राचार्य, बीईओ (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर), बीआरसी (ब्लॉक को-अर्डिनेटर) और एमआईएस को-आर्डिनेटर को ई-अटेंडेंस की मॉनीटरिंग करने और उसकी रिपोर्ट तैयार करने की जानकारी दी। इस दौरान ई-अटेंडेंस लगाने में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों को भोपाल स्तर से दूर करने का आश्वासन भी दिया गया।

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हेडमास्टर,प्राचार्य बनाएंगे डेली रिपोर्ट

- शिविर में बताया गया कि शिक्षक,कर्मचारी समय से पहुंचकर ई-अटेंडेंस लगा रहे या नहीं? या कितनी देरी से स्कूल आ रहे? स्कूल के हेडमास्टर या प्राचार्य इसकी रिपोर्ट बनाएंगे

- मॉनिटरिंग रिपोर्ट में टेबिल बनाकर शिक्षकों के रोजाना स्कूल आने, जाने का समय दर्ज किया जाएगा। यदि कोई अवकाश में है या किसी कारण से नहीं आ पा रहे यह भी उसमें शामिल होगा।

- प्राचार्यों की इसी मॉनीटरिंग रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक, कर्मचारियों का वेतन देयक जनरेट किया जाएगा।

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