जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

यहां क्या बुखार का भी इलाज नहीं हो पाता। यहां डॉक्टर समय पर नहीं आते हैं। आप लोगों ने इस अस्पताल को रेफरल सेंटर बनाकर रख दिया है। यह बात कलेक्टर छवि भारद्वाज ने रांझी अस्पताल के औचक निरीक्षण पर डॉक्टरों को फटकारते हुए कही। कलेक्टर ने रविवार को रात 8 बजे अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां अव्यवस्थाओं को देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और व्यवस्थाएं सुधारने निर्देश दिए।

विक्टोरिया क्यों भेजा

कलेक्टर जब अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचीं तो उसी समय 108 एम्बुलेंस से बजरंग नगर रांझी से बुखार के उपचार के लिए आए 28 साल के सूरज श्रीवास को विक्टोरिया अस्पताल ले जाया जा रहा था। उन्होंने सूरज के साथ आए परिजन से बात की और एम्बुलेंस के तकनीशियन से पूछा कि उसे यहां से क्यों रेफर किया गया है। कलेक्टर ने मरीज और उसके परिजनों से पूरी जानकारी लेने के बाद इस संबंध में अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. बिंदु कुशराम से जवाब-तलब किया। कलेक्टर ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि बुखार से पीड़ित को भी इलाज के लिए यहां से विक्टोरिया रेफर किया जा रहा है।

प्रभारी चिकित्सक देर से पहुंचे

कलेक्टर जब अस्पताल पहुंची तो प्रभारी चिकित्सक काफी देर बाद पहुंचे। इस पर कलेक्टर ने जमकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह अव्यवस्थाएं यहां क्यों हैं।

यह भी हुआ

0- ओपीडी एवं आईपीडी रजिस्टर की जांच भी की।

0-पिछले तीन माह के दौरान अस्पताल से रेफर किए गए मरीजों की संख्या बताने के निर्देश प्रभारी डॉ. सक्सेना को दिए।

0- उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती किसी भी मरीज को दवाएं या इंजेक्शन बाहर से खरीदने के लिए नहीं कहा जाए।

0-खून की जांच की सुविधा उपलब्ध न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यहां खून की जांच क्यों नहीं हो रही।

0-अस्पताल के के वार्डों का मुआयना किया और भर्ती मरीजों से बातचीत भी की।

0-मरीजों ने बताया कि दोपहर 2 बजे के बाद किसी भी तरह की जांच नहीं होती। लैब टेक्नीशियन मौजूद नहीं रहता।

शाम को भी लैब खुले

अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ. एके सक्सेना को यहां पदस्थ दोनों लैब टेक्नीशियन की ड्यटी कम से कम दो घंटे शाम के वक्त भी लगाने के निर्देश दिए। आठ बजे से रात्रि कालीन ड्यूटी होने के बावजूद करीब 9 बजे अस्पताल पहुंचे डॉ. शैलेन्द्र दीवान पर भी कलेक्टर नाराज हुईं।

बैंच पर लेटे थे मरीज

कलेक्टर ने अस्पताल की बेंच पर लेटी तीन महिला मरीजों को तुरंत इलाज के लिए भर्ती करने के निर्देश अस्पताल स्टॉफ को दिए। मरीजों ने बताया कि यहां पंखे बंद हैं।