जबलपुर। रेरा यानी रियल स्टेट रेग्युलेरिटी एक्ट का शिकंजा बिल्डरों पर पूरी तरह कसने हर तरफ से उन्हें घेरा गया है। पहले रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई। अब आरबीआई ने देश के सभी बैंको को आदेश जारी कर साफ कर दिया कि एक अगस्त से बिना रेरा के रजिस्ट्रेशन वाले बिल्डरों के प्रोजेक्ट पर किसी को होमलोन जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि रिसेल वाली प्रापर्टी पर होम लोन मिलता रहेगा। जो सामान्य प्रापर्टी की खरीददारी के दायरे में होगा।

लोन से पहले बताना होगा रजिस्ट्रेशन नंबर

- बैंको के पास पहुंचे आदेश में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति लोन लेना चाहता है। उसे बिल्डर के रेरा रजिस्ट्रेशन का नंबर देना होगा। होम लोन आवेदन के साथ ही वो रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज किया जाएगा।

- वहीं बैंक उस रजिस्ट्रेशन नंबर का वेरिफिकेशन रेरा की वेबसाइट से करेगी। यदि जांच में नंबर सही मिला तभी होम लोन पास होगा।

बैंक वालों ने वापस लौटाए ग्राहक

- जिले में बिल्डरों के दर्जनों नए प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे प्रोजेक्ट में प्रापर्टी लेने वाले जब बैंकों में पहुंचे तो उन्हें रेरा का प्रतिबंध वाला आदेश बता दिया गया। बिल्डरों ने भी बैंक मैनेजरों और अधिकारियों से बात की। लेकिन उन्हें बताया गया कि पहले रेरा रजिस्ट्रेशन कराना होगा, तभी उनके ग्राहक को लोन मिलेगा।

प्रदेश से पहुंचे 300 आवेदन

- प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जैसे जिलों से बिल्डरों व हाउसिंग बोर्ड, सभी जिलों के विकास प्राधिकरण, गृह निर्माण सोसायटी की ओर से बमुश्किल 300 आवेदन ही रेरा कार्यालय तक पहुंचे हैं। जबलपुर जिले में ही लगभग 150 से ज्यादा बिल्डरों के प्रोजेक्ट पहले से चलते आए हैं, या अभी बन रहे हैं।

इनका कहना है

रेरा का रजिस्ट्रेशन जो लोग लेकर आएंगे,उन्हीं को होमलोन मिलेगा। ये स्पष्ट आदेश जारी हो चुके हैं। जिसका पालन बैंकर्स को करना है। एक अगस्त से किसी भी बिल्डर के प्रोजेक्ट पर होमलोन रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ही जारी होगा।

दीपेश राज, रीजनल मैनेजर एसबीआई