जबलपुर। तिलवारा क्षेत्र में कौशल्या माय होम्स के पास बन रही निर्माणाधीन होटल के बाहरी तरफ तीन मंजिला डोम का स्लैब सोमवार दोपहर गिर गया। इसमें करीब 30 मजदूर दब गए जिनमें से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। 22 घायलों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी मजदूर सकुशल हैं।

मृतकों में विनय बारी उर्फ बिन्नू (36) निवासी बेलबाग जबलपुर और सुनील दुबे निवासी पठरा उमरिया थाना पनागर (32) शामिल हैं। पुलिस ने दो ठेकेदारों को गुड्डू राय और संतोष शिवहरे को हिरासत में ले लिया है। कलेक्टर ने घटना की मजिस्ट्रयल जांच के आदेश दिए हैं, वहीं मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपए राशि देने की घोषणा की है।

कलेक्टर ने कहा है कि बिल्डिंग निर्माता महेश केमतानी के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक दोपहर 3.10 बजे निर्माणाधीन होटल के बाहरी तरफ 40 फीट ऊंचे पिलरों पर डोम का स्लैब डाला जा रहा था। इसके लिए तीन स्तर पर सेंटिंग बनाई गई थी, जिसमें प्रत्येक पर 10 से 12 मजदूर तैनात थे।

ऊपर का छज्जा बीच की तीनों सेंटिंग को गिराते हुए नीचे आया और मजदूर भी दबते चले गए। घटना की सूचना मिलते ही अफसर मौके पर पहुंच गए। आपदा प्रबंधन की खुली पोल इस हादसे ने आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी। इसका नजारा मलबे से मजदूरों को निकालने के दौरान भी दिखाई दिया। दो मजदूर मलबे में दबे थे।

उनकी आवाजें भी स्पष्ट सुनाई दे रही थीं लेकिन पुलिस, नगर निगम, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन की टीम को उनमें से एक मजदूर निकालने में 3 घंटे से ज्यादा लग गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इंदौर में 31 मार्च को होटल ढहने की घटना के बाद भी आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं आया। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी।

घटना से हैरान

बिल्डिंग गिरने की घटना से हम खुद भी हैरान हैं। बिल्डिंग इंजीनियर शैलेष नेमा पूरा काम देख रहे थे। ठेकेदार ने काम दूसरों को दे दिया था। - स्पर्श केमतानी, बिल्डिंग निर्माता के बेटे

दोषियों पर होगी कार्रवाई

घटना की मजिस्ट्रियल जांच होगी। मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपए दिए जाएंगे। बिल्डिंग निर्माता पर भी केस दर्ज होगा। - छवि भारद्वाज, कलेक्टर, जबलपुर