जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पर्यावरण को बचाने के लिए एक तरफ हर साल पौधरोपण में करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। दूसरी ओर शहर में स्मार्ट सिटी के नाम पर दशकों पुराने हरे पेड़ों का कत्लेआम हो रहा है। पिछले एक साल में ही नगर निगम 150 से ज्यादा पेड़ों को काट चुका है। आने वाले समय में कम से कम 200 से 300 पेड़ और काटे जाने हैं।

स्मार्ट रोड, एनएमटी और इंटीमेट थियेटर बनाने के नाम पर नगर निगम एक साल में डेढ़ सौ से ज्यादा पेड़ काट चुका है। इन पेड़ों को काटने का लगातार विरोध हो रहा है, लेकिन निगम पीछे हटने को तैयार नहीं है। हाल ही में इंटीमेट थियेटर के नाम पर भंवरताल की नर्सरी को उजाड़ दिया गया। पुराने जो पेड़ काटे जा रहे हैं उनमें ऐसे पेड़ भी हैं जो फल के साथ आयुर्वेदिक दवा के काम में भी आते थे।

हो सकते थे शिफ्ट-

शहर में जितने भी पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट भी किया जा सकता था लेकिन यह प्रक्रिया काफी महंगी है। इसी वजह से निगम प्रशासन पेड़ों को बचाने की जगह उनका कत्लेआम करने में लगा है, जबकि अन्य शहरों में पुराने पेड़ों को सहेजा जा रहा है।

कहां कितने पेड़ काटे-

कटंगा से ग्वारीघाट एनएमटी - 40

लेफ्ट टर्न - 50

इंटीमेट थियेटर के लिए भंवरताल - 12

सत्कार होटल से होमसाइंस तक स्मार्ट रोड - 25 पेड़ काटे, अभी और काटे जाने हैं।