जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश एसके सेठ व जस्टिस राजीव कुमार दुबे की शीत अवकाशकालीन युगलपीठ ने व्यापमं घोटाले के आरोपी इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश भदौरिया, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर अशोक नागनाथराव मश्के, काउंसिलिंग कमेटी के तत्कालीन सदस्य डॉ.सीपी शर्मा, लुधियाना के डॉ.वीरेन्द्र मोहन और इंडेक्स की एडमिशन कमेटी के चैयरमैन अरुण अरोरा की अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई 4 जनवरी तक के लिए टाल दी है।

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मंगलवार को मामले सुनवाई के लिए लगे। इस दौरान सीबीआई की ओर से अग्रिम जमानत अर्जियों का विरोध करने असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल जिनेंद्र कुमार जैन खड़े हुए। उन्होंने दलील दी कि भोपाल की विशेष अदालत ने 23 नवंबर को उक्त आवेदकों की अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज कर दी थीं।

इसी के साथ सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए जा चुके हैं। इसीलिए संभावित गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट की शरण लेकर अग्रिम जमानत चाही जा रही है। हाईकोर्ट ने मामलों की गंभीरता को समझते हुए शीत अवकाशकालीन युगलपीठ में सुनवाई के स्थान पर रेगुलर बेंच के समक्ष 4 जनवरी को सुनवाई किए जाने की व्यवस्था दे दी।