कूम्ही सतधारा। शासन छोटी मछली संरक्षण के लिए मछुआरों का सहयोग करती है। लेकिन नियम के खिलाफ कई क्विंटल अवैध छोटी मछली मारने में मछवारे लगे हुए हैं। सिहोरा विधानसभा सटे ढीमरखेड़ा तहसील में आने वाले चकरगटा घाट पर मछली मारकर मैदान में सुखाई जा रही है। जिसकी शिकायत मछुवारा समिति द्वारा करने पर मतस्य विस्तार अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन ढीमरखेड़ा तहसील का मामला होने के कारण सिर्फ चेतावनी देकर मारी गई मछली और मछुवारों पर कार्रवाई नहीं की।

कूम्ही के पास कौही नाला के चकरघटा घाट पर खेतो का पानी बहकर आता है, जो नाले होकर हिरन नदी में मिलता है। मछुवारे चकरघटा में बड़ा जाल लगाकर अवैध रूप से मछली मार रहे हैं।

ग्राम के मछुआ समिति ने अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा और कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिहोरा को तुरंत शिकायत किया गया। शिकायत पर मत्स्य विस्तार अधिकारी जीएस दुबे ने अपनी टीम लेकर स्पाट पर जांच करने पहुंच गए।

जांच पर देखा कि कौही नाला पत्थरों से बंधा हुआ है। बीचों-बीच जाल लगा हुआ है, जो पूरे नाले के पानी को रोककर रखा है। प्रतिदिन पचासों किलो छोटी मछली फंसाकर मारी जा रही है। नाले के किनारे मैदान में करीब 3 क्विंटल छोटी मछली सूखने पड़ी है।

महंगे दामों में बिक रही मछली

ग्रामीणों ने बताया कि व्यापार के रूप में सूखी मछली महंगे दामों में बेचा जाता है। छोटी मछली वर्तमान में मार लिया गया तो, नदी नालों में आने वाले समय में मछलियां नहीं रह पाएंगी। शासन के द्वारा प्रतिवर्ष नदियों में लाखों मछली छोड़ी जाती हैं। उसका कारण यही है कि नदी नालों से जाल पहाऊ लगाकर पहले ही बारिश में कई क्विंटल छोटी मछली मार ली जाती है। क्षेत्र के मछुआरों ने शासन प्रशासन से मांग करते हुए सिहोरा और ढीमरखेड़ा तहसील के सभी नदी नालों में लगे जाल पहाऊ को अलग किया जाए, जिससे नदी नालों में मछली का संरक्षण हो सके।

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मछुआ समिति की शिकायत पर स्पॉट पर पहुंचकर जांच की गई। जांच करने पर पाया की 3 क्विंटल छोटी मछली मैदान में सूख रही है। मैंने जाल पहाऊ को अलग करने का मौखिक आदेश दे दिया है। तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी होने के कारण कार्रवाई नहीं की गई। यह कार्रवाई तहसील ढीमरखेड़ा के अधिकारियों को करना चाहिए ।

जीएस दुबे, मत्स्य विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत सिहोरा