हाथापावा पर पुलिस के पतंग महोत्सव

में महिलाओं ने भी आजमाए हाथ

-सपरिवार आए लोग, वाद्य यंत्रों ने समां बांधा

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

संक्रांति के अवसर पर रविवार को शहर के पास की हाथीपावा की पहाड़ियों पर जिला पुलिस ने पतंग महोत्सव का आयोजन किया। यहां बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ आए। महिलाओं ने भी पतंग की डोर हाथ में थामी। चार घंटे तक उल्लास और उत्साह का वातावरण एक जैसा बना रहा। कुछ युवा गिटार और दूसरे वाद्ययंत्र लेकर संगीत बजाते रहे। दर्जनों पतंगें आकाश में उड़ती रही। कुछ-कुछ देर में काट्टी रे की आवाज के साथ शोर सुनाई देता रहा। देर शाम तक शहर के लोग परिवार के साथ पहुंचते रहे।

आयोजन शुरू होने से पहले ही कई परिवारों के लोग महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंच गए। मांजा और पतंगे साथ लेकर बच्चे काफी देर तक उड़ाते रहे। दोपहर 2 बजे से पेंच लड़ाने वाले युवाओं का पहुंचना शुरू हो गया। पहली बार इस तरह के आयोजन में महिलाएं भी पतंग उड़ाती दिखाई दे रही थी। आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं ने पतंगबाजी की। एसपी महेशचंद जैन ने भी पतंग की डोर थामी और पत्नी ऊषा जैन ने मांजा हाथ में लिया। युवाओं ने नाच-गाने का भी आनंद लिया। लोगों के लिए निःशुल्क मूंग के भजिये, चाय और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था भी की गई थी।

घर से लाए तिल की मिठाई

पतंग महोत्सव में शामिल होने आए कई परिवर अपने साथ घरों से तिल की बनी मिठाई और व्यंजन लेकर आए। कई ऐसे युवक-युवतियां थे, जो इस जगह पहली बार आए थे। यहां का सौंदर्य और वातावरण देख वो सेल्फी लेने में जुट गए। कई ने कहा कि शहर के पास ही इतनी अच्छी जगह है और उन्हें इस बारे में पता तक नहीं। इतनी सुंदर पहाड़ियां और हरियाली कई हिल स्टेशन पर भी दिखाई नहीं देती।

विजेता पुरस्कृत

पतंगबाजी महोत्सव में सबसे ज्यादा पतंग काटने वाले युवाओं को पहले, दूसरे और तीसरे इनाम दिए गए। पहला इनाम 5 हजार 101 रुपए, दूसरा 3 हजार 101 और तीसरा इनाम 2 हजार 101 रुपए रखा गया था। इनाम पाने वाले युवाओं में प्रसन्नता थी।