रिश्वत : पटवारी की जमानत

अर्जी खारिज, जेल भेजा

- पिता की जमीन बेटों के नाम करने के लिए मांग रहा था रिश्वत

- फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस से की थी शिकायत

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

पिता की जमीन बेटों के नाम करने के लिए 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले पटवारी दिवाकर त्रिवेदी को न्यायालय ने जिला जेल भेज दिया है। लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपित के विरूद्ध जांच चल रही थी। इसके बाद विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया था। सोमवार को न्यायालय के समक्ष आरोपित का जमानत आवेदन प्रस्तुत हुआ। न्यायालय ने आवेदन को निरस्त करते हुए जिला जेल भेजने के आदेश दे दिए।

तीन हजार दे दो, हो जाएगा काम

जिला मीडिया सेल प्रभारी राजेंद्र पाल अलावा ने बताया कि 25 अक्टूबर 2016 को आवेदक गुड्डू लालू भाबोर निवासी मकोडिया थांदला अपने दो भाई राजु व मुकेश के साथ खवासा में पटवारी के पास पहुंचा था। पटवारी त्रिवेदी से उन्होंने कहा कि पिता की जमीन उन तीनों भाइयों के नाम कर दो। इस पर त्रिवेदी ने 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। पिता की जमीन तीनों बेटों के नाम करने के अलावा पावती बनाकर देने का भी कहा। पैसे नहीं होने से फरियादी वापस चला आया।

रंगेहाथ पकड़ा

फरियादी ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त संगठन इंदौर को आवेदन दे दिया। 7 नवंबर 2016 को लोकायुक्त की योजनानुसार फरियादी अपने परिजनों के साथ पटवारी से मिला। मोबाइल का वॉइस रिकॉर्डर चालू करते हुए पटवारी की आवाज रिकॉर्ड कर ली। पटवारी यह कह रहा था कि 3 हजार रुपए दोगे, तभी काम करूंगा। 12 नवंबर 2016 को 2500 रुपए लेकर फरियादी पटवारी के पास पहुंचा। शासकीय कार्यालय खवासा पर लोकायुक्त पुलिस ने आकर 2500 की रिश्वत लेते पटवारी त्रिवेदी को रंगेहाथ पकड़ लिया।

अभियोजन ने जमानत का विरोध किया

जांच पुरी होने के बाद आरोपित के विरूद्ध विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। सोमवार को न्यायालय के समक्ष आरोपित ने जमानत आवेदन प्रस्तुत किया। अभियोजन उपसंचालक केएस मुवेल ने इस आवेदन का मौखिक विरोध किया। सहमत होकर न्यायालय ने आरोपित के जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश देवलिया ने आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेजने का आदेश पारित कर दिया।