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मानसून

अधूरी तैयारियों से मंडरा रही नुकसान की आशंका

-बाढ़ नियंत्रण विभाग कागजी दावे कर सोया हुआ है चैन की नींद

पेटलावद। नईदुनिया न्यूज

मौसम विभाग के अनुसार मानसून लगभग दस्तक दे ही चुका का है। इस बार बारिश भी उम्मीद से कहीं ज्यादा होने की बात कही जा रही है। ऐसे में यही हाल रहा तो मानसून की बारिश में पूरे शहर में त्राहिमाम मचना तय है। कारण, शहर में बाढ़ आदि आपदाओं से निपटने की तैयारी नहीं की गई है। इसके दुष्परिणाम अंततः जनता को ही भुगतने पड़ेंगे।

प्रशासन का बाढ़ नियंत्रण विभाग कागजी दावे कर चैन की नींद सोया हुआ है और आमजन को धोखे में रख रहा है जबकि हकीकत भयावह संकेत दे रही है। व्यवस्था और सफाई को लेकर विभागीय स्तर पर कोई पहल नहीं दिख रही है, जबकि नगर परिषद ने दावे किए थे कि इस बार जल भराव की स्थिति पैदा नहीं होगी। बारिश के चलते सड़कों के लेवल की भी पोल खुल गई। निर्माण के समय बरती गई लापरवाही सामने आ गई और जगह-जगह पानी खड़ा हो गया। वहीं बारिश के पहले नदियों के स्टॉप डेमों के गेट नही खोले गए, जिससे पानी रपटों पर बढ़ने की आशंका है। इन सबको देखते हुए मौजूदा समय में मानसून की तैयारियों को लेकर प्रशासन को 10 में से 3 अंक ही हमारी नजर में मिल सकते है।

आरओ पाइप लाइन के साइड इफेक्ट इस बार भी भुगतेगी जनता

लोगों को साफ व शुद्घ पानी उपलब्ध करने के लिए आरओ पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू हुआ था। इसके साइड इफेक्ट सभी को पता है कि इससे पूरा नगर खासा परेशान रहा। रहवासियों को अपनी जान और माल की हानि तक उठाना पड़ी। पाइप लाइन डालने के कार्य में ठेकेदार की ओर से बरती लापरवाही की पोल अब खुल गई और लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। इससे पाइप लाइन की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है। कंपनी के ठेकेदार ने आनन-फानन में पाइपें तो दबा दी थी, लेकिन मिट्टी भरते समय सावधानी नहीं बरती। वहीं पाईप डालने के बाद खोदी गई सड़क पर जो गिट्टी और चुरी डाली गई उससे और हालात खराब हो गए। नेताओ को भी इससे दो चार होना पड़ा, लेकिन अब कहें भी तो किसे कहें।

सूखे दरख्त न बन जाएं परेशानी का सबब

क्षेत्र में सड़क के किनारे खड़े पेड़ कभी भी धराशायी हो सकते है। नगर के बाहरी ईलाके में ऐसे कई आड़े-तिरछे सूखे दरख्त है जिनकी मानसून के साथ आने वाली तेज हवा में धराशायी होने की आशंका है। इस ओर किसी का ध्यान नही है। बारिश में ऐसे पेड़ो के गिरने का अधिक अंदेशा होने से वाहन चालकों में भी हमेशा भय बना रहता है। सडक किनारें तेज हवा में झूलते बड़े-बड़े पेड़ो से लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती है। क्षेत्र में शीघ्र ही मानसून दस्तक देने वाला है। इस दौरान तेज हवा भी चलेगी। अनेक क्षैत्रों में ऐसे सूखे व आड़े-तिरछे दरख्त देखे जा सकते है जिनकी छंटाई की जाना आवश्यक है। मानसून पूर्व इन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस प्रकार के पेड़ नगर से जुडे थांदला, बदनावर, रायपुरिया मार्ग पर स्थित है। पेड़ों की छंटाई कराना चाहिए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। जिम्मेदारों ने पेड़ो की छटाईं करना उचित नही समझा। समाजसेवी बाबूलाल मुलेवा का कहना है कि ऐसे पेड़ों को सपोर्ट देकर इन्हें बचाया जा सकता है या दुर्घटना से बचने के लिए इसे गिराया जा सकता है।

25 पीईटी 9 पेटलावद में ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा इस वर्ष भी भुगतेगी जनता, क्योंकि जहां-तहां कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। -नईदुनिया

25 पीईटी 10 पेटलावद में स्टेट हाईवे सहित अन्य सड़कों पर आड़े-तिरछे सूखे दरख्त देखे जा सकते हैं। इससे हमेशा हादसे की आशंका रहती है। -नईदुनिया