गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर युवा साईं सेवा समिति की बैठक

झाबुआ। 14 से 16 जुलाई तक चलने वाले त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा मोहतस्व की तैयारी को लेकर युवा साईं सेवा समिति द्वारा स्थानीय साईं मंदिर पर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें तय किया गया कि इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए समिति द्वारा आमंत्रण पत्र घर-घर दिए जाएंगे तथा एक प्रचार वाहन कार्यक्रम एक सप्ताह पूर्व चलाया जाएगा। जो झाबुआ तथा आस पास जाकर कार्यक्रम का प्रचार करेगा। जिससे कार्यक्रम में अधिक से अधिक भक्तों की भागीदारी हो सके। समिति द्वारा इन तीन दिनों में अनेक प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जाएंगे लेकिन विशेष कार्यक्रम 16 जुलाई मंगलवार के दिन विशाल भंडारा तथा साईं पालकी व रात्रि महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में युवा साईं समिति के सदस्य दिलीप कुशवाह, दिनेश गोस्वामी, चिंटू सिंगार, बिट्टू सिंगार, मुकेश कटारा, सूर्य प्रताप सिंह, लोकेंद्र सलोनिया, नयन टवाली, अंकुर चौहान, बदल पांडेय, किशोर परमार, शिवा, गोलू आदि उपस्थित थे। आभार राजा चौहान ने माना।

बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन

थांदला। कृषि विभाग द्वारा खरीफ आदान सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी थांदला पर रखा गया। इसमें थांदला विधायक वीरसिंग भूरिया, जनपद पंचायत थांदला अध्यक्ष गेंदाल डामोर, नगीन शाहजी, राजेश डामोर, चैनसिंग डामोर, नंदलाल मेड़ा, जसवंत भाबर, अक्षय भटट्, कृषि समिति के अध्यक्ष केसरसिंग मुणीया, सरपंच रालू तथा अन्य नेता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में कृषि विकास अधिकारी गंगाराम चौहान ने कृषि विभाग की योजनाओं के बारें में जानकारी दी। विभाग द्वारा प्रदाय किए जा रहें बीज के बारे में किसानों को बताया। विभाग द्वारा किसानों को सोयाबीन, मक्का, मुंग, उड़द, अरहर, फसलों का बीज विभिन्ना योजनाओं में प्रदाय किया जाता हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रकाशचंद जोशी ने किसानों को मक्का की फसल के नवीन कीट फाल आर्मी वर्म के बारे में विस्तृत में बताया। यह कीट मक्का फसल के संपूर्ण पौधे को नुकसान पहुंचाता हैं। फाल आर्मी कीट की रोकथाम के लिए मक्का को मिश्रित फसल के रूप में बोएं तथा कीट का प्रकोप ज्यादा होने की स्थिति बुवाई के 15 - 20 दिन बाद थायोडिकार्ब 75 प्रतिशत डब्ल्यू पी 400 ग्राम प्रति एकड (160 ग्राम प्रति बिघा) की दर से या फ्लूबेंडामीड 480 एससी 60 एमएल प्रति एकड़ या स्पिनोसेड 45 प्रतिशत 80 एम एल प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें। विधायक भूरिया ने भी विचार रखे। आभार कृषि विकास अधिकारी जीएल डामर ने माना।