मऊरानीपुर (झांसी)। प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही बुंदेलखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से लेकर 20 घंटे तक बिजली देने की बार-बार घोषणा कर रहे हो पर स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। मऊरानीपुर में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है यहां पर लोगों को मात्र 6 घंटे से 8 घंटे तक ही बिजली मिल पा रही है। घोषित कटौती की तो जानकारी कि सी को मिल नहीं चल पाती है, पर घंटों होने वाली अघोषित कटौती से पूरे मऊरानीपुर के लोग अच्छी प्रकार से वाकि फ हो गए हैं। यहां पर बिजली आने व जाने का कोई समय निश्चित नहीं है और चिंता की बात यह है यहां पर लगातार एक घंटे भी बिजली मिल पाने की गारंटी नहीं रहती मरम्मत के नाम पर संविदा कर्मी हर आधा घंटा के बाद विद्युत आपूर्ति ठप करा देते हैं। इस तरह से नगर में होने वाली अघोषित कटौती कई घंटे की हो जाती है। एस डिओ व जेई संविदा कर्मियों पर पूरी तरह से निर्भर रहते हैं। यही वजह है कि मऊरानीपुर के लोग बेहद परेशानी में गुजारा कर रहे हैं। एक बात और यह महत्वपूर्ण है कि कंट्रोल रुम से उपभोक्ताओं को बिजली जाने और आने की कोई सूचना नहीं दी जाती। बिजली जाने के बाद अधिकारी व सारे संविदा कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद हो जाते हैं और वे जब खुलते हैं जब फिर से बिजली वापस आ जाती है। नगर वासियों ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मऊरानीपुर की विद्युत व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति की समीक्षा कराए जाने की मांग की है।