ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि । जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति संगीती शुक्ला व नर्सिंग छात्र नेताओं के बीच उस वक्त विवाद हो गया, जब उन्होंने छात्रों से कह दिया कि आप दलाल हो। आप लोग बार-बार क्यों आ जाते हो। छात्र क्यों नहीं आते हैं। कोई छात्र रिव्यू की मांग लेकर आएगा, उसकी कॉपी को रिव्यू करा दिया जाएगा। दलाल शब्द को सुनकर छात्र भड़क गए। कुलपति से पूछने लगे कि दलाल किस आधार पर कह रही हैं। क्या छात्र अपनी समस्या बताने नहीं आए। छात्रों ने भी कुलपति को खरी खोटी सुनाई। इस विवाद की चर्चा दिनभर जीवाजी विश्वविद्यालय के गलियारे में रही।

बीएससी नर्सिंग थर्ड ईयर व फोर्थ ईयर का रिजल्ट रिव्यू कराने के लिए पिछले दो महीने से आंदोलन कर रहे हैं। कुलसचिव ने भी उन्हें लिखित में दिया कि काॉपियों का रिव्यू करा दिया जाएगा। दो बीतने के बाद छात्रों को रिव्यू नहीं कराया। इसी मांग लेकर नर्सिंग छात्र नेता अपनी समस्या बताने के लिए गुरुवार को दोपहर में कुलपति संगीता शुक्ला से मिलने पहुंचे।

छात्रों ने कुलपति को बताया कि नर्सिंग छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहा था। कॉपियों के रिव्यू का आश्वासन दिया गया, लेकिन कॉपियों का रिव्यू नहीं कराया गया। इसको लेकर कुलपति ने कहा कि कॉपियों की रेंडम जांच करा ली है। रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं आया है। उन छात्रों को सामने लाईए, जिन्हें कॉपियों का रिव्यू कराना है या फिर रोल नंबर दे दें।

छात्रों ने कहा कि कॉपियों को हमारे टीचर के सामने रिव्यू कराया जाए। जेयू के टीचरों पर भरोसा नहीं है। चर्चा के दौरान कुलपति ने अचानक आपा खो दिया और छात्र नेताओं से कह दिया कि आप दलाल हो। अगर किसी छात्र को अपनी कॉपी रिव्यू करानी है तो वह सामने आए। आप बार-बार आ जाते हैं, बच्चे क्यों नहीं आते हैं। कुलपति ने उन्हें जाने को कहा। दलाल शब्द सुनने के बाद छात्र नेता भड़क गए और उन्होंने कुलपति को भी खरीखोटी सुनाई। विवाद इतना बढ़ गया कि सुरक्षा गार्ड बुलाने पड़े है और छात्र नेताओं को बाहर निकाला गया। इस दौरान नर्सिंग छात्र नेता राजकुमार त्यागी, विष्णु पांडे आदि बड़ी संख्या में मौजूद थे।

कॉपी रिव्यू कराने परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में दे चुके हैं धरना -

नर्सिंग छात्र पिछले दो महीने से कॉपी रिव्यू कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में छात्रों ने धरना दे दिया था, उसके दूसरे दिन प्रशासनिक भवन के गेटों पर ताला लगाया और छात्रों पूछ-पूछकर अंदर जाने दिया।

- दूसरी बार उन्होंने गेट पर धरना दिया था, कुलसचिव ने छात्रों से बात की और लिखित में आश्वासन दिया था कि कॉपियों का रिव्यू करा दिया जाएगा, लेकिन लिखित आश्वासन के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।