कटनी। नईदुनिया प्रतिनिधि

संयुक्त संघर्ष मोर्चा संविदा कर्मियों द्वारा मांगों को लेकर शुरू की गई हड़ताल रविवार को पांचवे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण सरकारी कार्य और योजनाएं का संचालन काफी प्रभावित हो रहा है। संविदा कर्मियों की हड़ताल से करीब एक लाख हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा सरकारी कार्यालय का काम-काज भी ठप्प पड़ गया है। वहीं संविदा कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती है तब तक हड़ताल प्रदर्शन जारी रहेगा।

समन्वयक संघ का समर्थन

संविदा कर्मचारियों की ह़ड़ताल को समन्वयक अधिकारी संघ द्वारा समर्थन दिया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से संविदा कर्मचारियों की मांगो को मानने के लिए अनुशंसा की गई है। जिन मांगों को लेकर संविदा कर्मियों द्वारा हड़ताल की जा रही है उसमें संविदा कर्मियों का मासिक पारिश्रमिक नियमित पदों के अनुरूप 90 प्रतिशत के स्थान पर 100 प्रतिशत किए जाने, संविदा कर्मियों को स्थाई कर संविदा अनुबंध प्रथा समाप्त किया जाने, रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष किए जाने, संविदा कर्मी प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर शासकीय नियमित सेवक के समान निलंबन की कार्रवाई शासन के नियमानुसार किए जाने, सेवा समाप्ति नहीं किए जाने, निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने, संविदा कर्मी पूर्व से वर्षो में बजट अभाव में या योजना बंद होने के कारण सेवा से अलग किया गया है उनके पद या योग्यता अनुरूप अन्य योजना और परियोजनाओं में संविलियन किए जाने की मांग शामिल है। हड़ताल के दौरान

डॉ अजीत सिंह, सीबी चौबे, अमित सेन गुप्ता, शिवानंद विश्वकर्मा, त्रिभुवन सिंह, रोहित श्रीवास, सत्यप्रकाश हल्दकार, प्रदीप उरमलिया, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, अजय दहायत, बबिता सिंह, आरिफ खान, संतोष पाठक, अलोक पटेल, लक्ष्मण बुनकर, विनोद मेहरा सहित काफी संख्या में संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही।