बड़नगर (उज्जैन)। निज प्रतिनिधि। कविता रैना उज्‍जैन जिले के ग्राम कुलावदा की बेटी थी। उसकी हत्‍या के बाद माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

कविता की बरसी पर बड़े भाई ठाकुरलाल ने रुंधे गले से बताया कि था मां तेजूबाई की आंखों से अब भी बेटी की याद में आंसू बहते रहते हैं। पिता रामनारायण परिवार की छोटी बेटी होने से उसे सबसे ज्यादा प्यार करते थे।

वे कविता की यादों में खोए रहते हैं।

कविता के भाई ठाकुरलाल व लखन ने बताया कि शादी के बाद व हमेशा राखी पर कुलावदा आती ही थी। राखी पर हमने उसकी तस्वीर पर कुंकू-तिलक कर राखी बांधी। इसके बाद जन्माष्टमी पर भानजी यशस्वी से राखी बंधवाई।

बहन के साथ घूमने गया था : यादें शेष

कविता के छोटे भाई लखन ने कहा कि वह बहन के साथ यात्रा पर वैष्णोदवी, कश्मीर गया था। अब उसकी यादें ही शेष हैं। यात्रा में हमारे साथ जीजाजी संजय व भानजे अथर्व व यशस्वी भी थे।

नहीं भुला पाए

कविता की हत्या के इतने साल बाद भी ग्राम कुलावदा के बच्चों से लेकर वृद्ध तक इस घटना को नहीं भुला पाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के नाम की चर्चा कहीं पर करते हैं तो सामने से कविता हत्या की ही बात होती है।