खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। मंगलवार को बस चालक- परिचालकों की हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा। 2-3 घंटे बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करने के बाद जब टैक्सी- ऑटो चालकों के पास गए तो उन्होंने यात्रियों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया। सामान्य दिनों में खंडवा से इंदौर का किराया 120 रुपए रहता है, लेकिन मंगलवार को टैक्सी चालकों ने 250 रुपए तक वसूले। निमाड़ परिक्षेत्रीय चालक-परिचालक कल्याण समिति ने अपनी 10 मांगों का ज्ञापन सौंपा।

हड़ताल से बेखबर लोग सुबह पुराने बस स्टैंड पर पहुंच गए थे। यहां से डेढ़तलाई, हरदा, बैतूल, पंधाना, देवास और ग्रामीण क्षेत्रों की बसें चलती हैं। एक-एक ऑटो में 10 से अधिक सवारी बैठाकर ले जाई गई। इसी तरह की स्थिति नए बस स्टैंड पर भी रही। इंदौर, खरगोन और बुरहानपुर रुट की बसों के लिए यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

यात्री नितेश कनाड़े ने बताया कि वह दोपहर करीब एक बजे बस स्टैंड पर पहुंचा। दो बजे तक इंदौर के लिए एक भी बस नहीं आई। इस वजह से टैक्सी से इंदौर जाना पड़ा। इंदौर का कि राया 120 रुपए है। टैक्सी चालक ने उससे 250 रुपए लिए। सनावद निवासी अजीज खान ने बताया कि खंडवा में बेटी के घर आया था। दोपहर करीब 12 बजे वह बस स्टैंड पर पहुंचा। दो घंटे इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली। टैक्सी चालक ने 100 रुपए सनावद का कि राया लिया।

सनावद के लिए बस स्टैंड पहुंचे बलीराम राठौर ने बताया कि प्रशासन को यात्रियों के लिए सुविधा करना चाहिए थी। मूंदी का बस कि राया 35 रुपए है इसके बावजूद 70 से 80 रुपए कि राया ऑटो चालकों ने लिया।

सुनवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगे

चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डिप्टी कलेक्टर अनुभा जैन को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। चालक-परिचालक संघ के अध्यक्ष रामचंद्र मालवीया ने बताया कि उनकी मांगों की सुनवाई नहीं होती है तो आगामी समय में बड़ा आंदोलन कि या जाएगा।

इंदौर-बुरहानपुर मार्ग पर चलते रहे ट्रक

ट्रांसपोर्ट सेवा पर चालक-परिचालक की हड़ताल का कम असर रहा। हड़ताल के बावजूद कु छ ट्रकों की आवाजाही बनी रही। उन्हें रोकने लिए चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारी जरुर सक्रिय रहे। इसके बाद भी ट्रकों का आवागमन होता रहा। इंदौर, खरगोन, हरदा और बुरहानपुर मार्ग पर ट्रक चलते रहे। कु छ ही ट्रक ऐसे रहे जिनके ड्रायवर और हेल्पर हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने अपने ट्रक इतवारा बाजार, इंदौर बायपास मार्ग और पंधाना रोड पर खड़े कर दिए थे।