खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश सरकार के वादे के अनुसार सभी किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ किया जाए। कर्जमुक्ति का प्रमाण पत्र भी हर किसान को मिले। यदि कर्जमाफ नहीं होता है तो 10 जून से किसान आंदोलन करेंगे। शहर में दूध-सब्जी की आवक बंद कर देंगे। कुछ इसी तरह के तेवरों के साथ किसानों का आक्रोश गुरुवार को प्रदेश सरकार पर फूटा। भारतीय किसान संघ के बैनर तले रैली निकालकर दोपहर तीन बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम संजीव पांडे को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से कर्जमाफी का लाभ दिए जाने की मांग रखी। किसानों ने कहा कि उनका कर्ज अब तक माफ नहीं हुआ है।

कर्जमाफी के अलावा किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी कि 500 रुपए प्रति क्विंटल की भावांतर राशि तत्काल किसानो के खातों में डाली जाए। वहीं पूर्व सरकार की तर्ज पर प्याज पर 400 रुपए क्विंटल की प्रोत्साहन राशि देने, जिले में खालवा उद्वहन सिंचाई, जावर सिहाड़ा सिंचाई परियोजना का काम जल्द शुरू किए जाने की मांग भी रखी गई।

एसडीएम पांडे ने ज्ञापन में शामिल बिंदुओं को प्रदेश शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धरमचंद गुर्जर, सुभाष पटेल, रेवाराम भाईड़िया, राहुल खोरे, त्रिलोकचंद लेवा, जय पटेल, वैशाली मालवीया सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

नारेबाजी करते हुए पहुंचे कलेक्टोरेट : किसान तू रहेगा मौन तो तेरी सुनेगा कौन, किसानों ने ठाना है, कर्जमुक्ति पाना है जैसे नारे लगाते हुए भारतीय किसान संघ के बैनर तले वाहन रैली निकालकर किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। पुरानी अनाज मंडी से जलेबी चौक, नगर निगम तिराहा, घंटाघर चौक, बॉम्बे बाजार होते हुए ओवर ब्रिज से कलेक्टर कार्यालय तक किसानों ने वाहन रैली निकाली।

रैली से पहले पुरानी अनाज मंडी में किसानों ने धरना दिया। धरने में जिलेभर के ग्रामीण क्षेत्रों से किसान पहुंचे। यहां किसान संघ पदाधिकारियों के साथ ही अन्य किसानों ने भी धरने को संबोधित करते हुए कर्जमाफी के मुद्दे पर अपना आक्रोश जताया। किसानों ने कहा किउनका पुराना कर्ज भी माफ नहीं हुआ और अब सहकारी बैंकों से नया ऋण भी नहीं दिया जा रहा है।