खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। सब्जी मंडी में प्याज बेचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे किसानों को मायूस होना पड़ रहा है। व्यापारी किसानों का प्याज सात से आठ रुपए किलो में खरीद रहे हैं। उपज का लागत मूल्य भी नहीं मिलने से नाराज किसान शासन की नीतियों को कोसते नजर आए। बुधवार को पंधाना रोड स्थित सब्जी मंडी में प्याज की बंपर आवक हुई। हालांकि किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिला।

व्यापारियों द्वारा नीलामी के दौरान 700 से 800 रुपए क्विंटल तक बोली लगाकर नीलामी में प्याज खरीदा गया। टाकलीमोरी से आए किसान जुगंदर सिंह ने कहा कि एक एकड़ में प्याज की फसल लगाई थी। इसमें 50 हजार रुपए तक की लागत लगी। मंडी तक उपज लाने का भाड़ा अलग लगा। 70 क्विंटल प्याज लाया हूं जो 700 रुपए क्विंटल में बिका है। लागत मूल्य तक नहीं निकाल पाया हूं। इसी तरह की शिकायत ग्राम बावड़िया काजी के वीरेंद्र भदौरिया ने भी की।

भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक सुभाष पटेल ने कहा कि मैंने प्याज की फसल लेने में 75 हजार की लागत लगा दी। लागत मूल्य से भी प्याज बिका है। यदि यही हालात रहे तो किसानों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।

मंडी प्रशासन ने जीनिंग फैक्ट्री के संचालक को दिया नोटिस

मंडी प्रशासन द्वारा पंधाना रोड स्थित अजीत एग्रो के संचालक जितेंद्रसिंग उबेजा को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जरिए जीनिंग फैक्ट्री में कपास की आवक और किसानों को होने वाले भुगतान की जानकारी के साथ ही अन्य रिकॉर्ड भी तलब किए गए हैं। मंडी सचिव केडी अग्निहोत्री ने बताया कि तीन दिन के भीतर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का नोटिस दिया गया है। विदित हो कि इसी जीनिंग फैक्ट्री में मंडी सचिव के पहुंचने पर कपास के व्यापारियों ने मंडी में नीलामी रोककर हंगामा किया था।