*टीटीई और आरपीएफ की मदद से मिली खुशियां : पिता

खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

पत्नी को 20 जून को डिलिवरी की तारीख दी थी। मैं उसे परिवार के पास छोड़ने के लिए (भरतपुर) राजस्थान जा रहा था। रास्ते में अचानक पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। समय पर टीटीई और आरपीएफ की मदद से मेरे घर खुशियां आईं। ट्रेन के जनरल कोच में पत्नी ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।

यह कहना है भरतपुर निवासी चंद्रभान शर्मा का। पेशे से ग्रेनाइट के मिस्त्री चंद्रभान अपनी टीम के साथ महाराष्ट्र के हिंगोली में काम कर रहे हैं। हिंगोली से पत्नी को छोड़ने भरतपुर जा रहे थे, तभी खंडवा जंक्शन के पहले पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। अकोला के टीटीई स्टाफ ने खंडवा स्टेशन पर सूचना दी। यहां आरपीएफ ने चिकित्सकों को सूचना दी और ट्रेन के जनरल कोच में अन्य महिला यात्रियों की मदद से डिलीवरी कराई। महिला ने जुड़वा बालकों को जन्म दिया, दोनों स्वस्थ हैं।

आरपीएफ इंस्पेक्टर आरएस गुर्जर, एएस आई गणेश कुमरावत और हेड कांस्टेबल रामलाल गुर्जर ने चिकित्सकों को बुलाकर ट्रेन के जनरल कोच में डिलीवरी कराने में मदद की। इसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चंद्रभान ने बताया कि टीटीई और आरपीएफ की मदद से मेरे घर खुशियां आई हैं। हिंगोली में चिकित्सकों ने डिलिवरी के लिए 20 जून की तारीख दी थी, इससे एक माह पहले पत्नी को छोड़ने जा रहा था लेकिन एक माह पहले ही बच्चों का जन्म हो गया। खंडवा के लोगों ने बहुत मदद की। अस्पताल में भी पूरी देख-रेख हो रही है। चंद्रभान के तीन बच्चे चंचल, जतिन और सोनम हैं। जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद उसके पांच बच्चे हो गए हैं।