खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में गुलाबी पत्थरों के मंदिर निर्माण पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है। यह रोक छोटे सरकार के पक्ष की ओर से की गई शिकायत के आधार पर लगाई गई है। रोक लगते ही मंदिर ट्रस्ट ने परिसर में खंभे लगाने के लिए तैयार किए गए कॉलम समतल करने का काम शुरू कर दिया है। मंदिर निर्माण पर रोक लगने से श्रीदादाजी भक्तों में मायूसी छा गई है।

श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में 25 करोड़ की लागत के मंदिर निर्माण पर एसडीएम संजीव पांडे ने स्टे लगा दिया है। करीब दो माह पहले 7 अप्रैल को रविवार के दिन यह आदेश वर्किंग ट्रस्टी प्रकाश बाहेती के नाम से एसडीएम कार्यालय से जारी हुआ था। गुरुवार को मंदिर परिसर में खंभे लगाने के लिए तैयार सीमेंटीकृत कॉलम समतल करने की कार्रवाई के दौरान जब भक्त रामचंद मौर्य ने इसे लेकर जानकारी मांगी तो ट्रस्ट द्वारा निर्माण पर रोक लगाए जाने का खुलासा किया गया।

ट्रस्टी सुभाष नागौरी का कहना है कि मंदिर निर्माण कार्य छोटे सरकार और अन्य सभी भक्तों की सहमति के बाद ही शुरू कि या गया था। उनके द्वारा लाया गया मार्बल भी निर्माण कार्य के दौरान उपयोग में लाने पर सहमति बन गई थी। बावजूद इसके यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो शांतिपूर्ण तरीके से एक बार फिर बैठकर चर्चा की जाएगी। भक्तों के सामंजस्य से ही मंदिर निर्माण कि या जाएगा।

जांच कमेटी बनाई

एसडीएम संजीव पांडे ने नईदुनिया से चर्चा के दौरान कहा कि दो पक्षों में विवाद के कारण निर्माण पर रोक लगाई है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे सरकार पक्ष की तरफ से शिकायत हुई है। निर्माण कार्य को लेकर जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी निर्णय लिया जा सके गा।

एक ही दिन में पंचनामा और स्टे

श्रीधूनीवाले आश्रम पब्लिक ट्रस्ट में आश्रम संचालन और मंदिर निर्माण में अव्यवस्था व अनियमितता की शिकायत करते हुए प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग इंदौर संभागायुक्त को 11 मार्च 2019 को की गई थी। यह शिकायत हिमांशु अग्रवाल द्वारा की गई। 7 अप्रैल को रविवार को शिकायत के आधार पर मंदिर परिसर में स्थल निरीक्षण कर पंचनामा बनाया गया। रविवार को ही पंचनामे के आधार पर एसडीएम पांडे द्वारा निर्माण कार्य रोकने के लिए स्टे ऑर्डर भी दे दिया गया। अवकाश के दिन प्रशासन द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई कर मंदिर निर्माण पर रोक लगाए जाने को लेकर भक्तों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं।

निर्माण के लिए आ चुका है चार ट्रक गुलाबी पत्थर

श्रीदादाजी दरबार में 108 खंभों के मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान के हिंडौन शहर से चार ट्रक गुलाबी पत्थर आ चुका है। इस पत्थर को तराशने का काम भी शुरू हो गया है। मंदिर का निर्माण पांच चरणों में होना है। पहले चरण में 17 खंभे लगाए जाने हैं। मंदिर परिसर में धूनीमाई और मुख्य गेट के आसपास सहित अन्य क्षेत्रों में 13 गड्ढे कर खंभे लगाने के लिए सीमेंटीकृत कॉलम भी बना दिए गए हैं। इन्हीं कॉलम के आसपास बाउंड्रीवॉल बनाई गई थी। गुरुवार को ये बाउंड्रीवॉल तोड़ दी गई। सीमेंटीकृत कॉलम को मिट्टी से समतल करने का काम कि या जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार गुरुपूर्णिमा पर आने वाले भक्तों को परेशानी ना हो इसके लिए यह काम कि या जा रहा है।

संगमरमर का मंदिर बनाना चाहते हैं छोटे सरकार

श्रीधूनीवाले दादाजी के भक्त छोटे सरकार अपने खर्च पर आश्रम में संगमरमर का मंदिर बनाना चाहते हैं। वर्ष 1992 में उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए मार्बल तक बुलवा लिया था। जबकि ट्रस्ट का कहना है कि श्रीदादाजी दरबार के नियमों के अनुसार कि सी भी एक व्यक्ति द्वारा यहां निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता। छोटे सरकार चाहे तो निर्माण कार्य में सहयोग कर सकते हैं। ट्रस्ट द्वारा गुलाबी पत्थरों से 108 खंभों का मंदिर निर्माण कराने से पूर्व छोटे सरकार से सामूहिक रुप से चर्चा की गई थी। इस दौरान उन्होंने गुलाबी पत्थरों से निर्माण पर सहमति देते हुए यह कहा था कि संगमरमर का उपयोग मंदिर निर्माण के दौरान कहीं भी कर लिया जाए।

सोशल मीडिया पर भक्तों ने दी प्रतिक्रिया

- भारत पटेल ने कहा कि सरकारों को कभी धार्मिक निर्माण कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

- भूपेंद्र चौहान ने कहा ये कै से-कौन से भक्त हैं। मंदिर का काम ही रुकवा दिया। दादाजी महाराज इन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें।

- विशाल अग्रवाल ने कहा ऐसी क्या आपातकालीन स्थिति थी कि रविवार के दिन हुआ आदेश। कि सके फोन पर दिया मंदिर निर्माण पर स्टे।

- राजेश तिवारी ने कहा ट्रस्ट को चाहिए कि यह सार्वजनिक कार्य है। इसमें आवश्यक शासकीय अनुमतियां अपने तकनीकी सलाहकारों और प्रपोजल को उपलब्ध रखें। इस प्रकार के विभागीय पत्र मात्र औपचारिकता होती है। श्रीदादाजी महाराज का भव्य मंदिर बने यही भक्तों की इच्छा है।