ओंकारेश्वर, नईदुनिया प्रतिनिधि। महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर के पट तड़के 4 बजे खुले। ओंकारेश्वर भगवान को 251 किलो पेड़े का भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ तो 24 घंटे लगातार चला। दर्शन के पहले भक्तों ने नर्मदा में डुबकी लगाई। ओंकारेश्वर और मोरटक्का खेड़ीघाट पर करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचे।

नागरघाट, केवलराम घाट, कोटितीर्थ घाट, अभय घाट, गौमुख घाट सहित अन्य घाटों पर भीड़ रही। सबसे ज्यादा भीड़ संगमघाट पर रही। कई श्रद्धालुओं ने ओंकार पर्वत की परिक्रमा भी लगाई। कई महिलाओं ने घाटों पर शिवबत्ती जलाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। मोरटक्का खेड़ीघाट पर भी बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचे। यहां स्थित जबरेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। नर्मदा का जलस्तर सामान्य रहने से श्रद्धालुओं को स्नान करने में कोई परेशानी नहीं हुई।

एक घंटे में हुए दर्शन

मंदिर ट्रस्ट ने सुबह 4 से शाम 6 बजे तक ही ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर सीधे जल चढ़ाने का समय निर्धारित किया था। इसके बाद पंडित-पुजारियों द्वारा श्रद्धालुओं से जल लेकर जलपात्र में डालकर पाइप के माध्यम से ज्योतिर्लिंग पर अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं को आधे से एक घंटे तक लाइन में लगने के बाद भोलेनाथ के दर्शन हो सके। दोपहर 12.20 से 12.50 बजे तक मध्यकाल भोग और साफ-सफाई के लिए मंदिर के पट बंद किए गए थे। इसके बाद निर्बाध रूप से श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन करते रहे। तिथि के फेर से दो दिन महाशिवरात्रि मनाए जाने से बुधवार को भी तीर्थनगरी में श्रद्घालु पहुंचेंगे।

मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन व पंडित आशीष दीक्षित ने बताया कि अन्य दिनों में सायं 4 बजे भोलेनाथ का श्रृंगार किया जाता है लेकिन शिवरात्रि के दिन इसमें भी कटौती की गई है। इससे भी श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी हुई। पंडित दीक्षित ने बताया कि बुधवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाशिवरत्रि पर्व मनाने ओंकारेश्वर पहुंचेंगे।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

महाशिवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात सुचारु के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंगलवार सुबह से नए बस स्टैंड से बड़े वाहनों का नगर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। थाना प्रभारी आरएनएस भदौरिया ने बताया कि महाशिवरात्रि पर खंडवा के साथ ही अन्य जिलों से पुलिस बल बुलवाया गया था। घाटों के साथ ही मुख्य मार्गों और पार्किंग स्थलों पर यातायात पुलिस और घाटों पर होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसी तरह मंदिर ट्रस्ट और नगर परिषद के गोताखोर भी नावों से घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जुटे रहे।

आश्रमों में हुए धार्मिक अनुष्ठान

श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े में सचिव कैलाश भारती महाराज, निरंजनी अखाड़े में महंत दिलीप पुरी महाराज, जूना अखाड़ा में महामंडलेश्वर धर्मेंद्रपुरी महाराज, मार्कंडेय संन्यास आश्रम में महंत प्रणवानंद महाराज के सान्निाध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्ना करवाए गए। अन्नापूर्णा आश्रम में महामंडलेश्वर सच्चिदानंद महाराज, बर्फानीधाम महामंडलेश्वर हनुमानदास महाराज, नर्मदा-कावेरी संगम पर स्थित ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में महामंडलेश्वर बजरंगदास त्यागी ने भक्तों के साथ पूजा-अर्चना की। राजराजेश्वरी संस्थान के साथ ही ओंकारेश्वर-मोरटक्का मार्ग पर स्थित जोड़ गणपति हनुमान मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा साबूदाने की खिचड़ी और सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी के रूप में वितरित किए गए।