खिरकिया, नईदुनिया न्यूज। ग्राम मांदला के साप्ताहिक बाजार से अपहरण किए गए नाबालिग बालक को महाराष्ट्र में बेचने के मामले में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बालक का अपहरण कर उसे बेचने का यह मामला मानव तस्कर गिरोह से जुड़ा होने का पुलिस को अंदेशा है। इसमें एक आरोपित मांधाता थाना क्षेत्र का है। बच्चा बरामद होने के बाद दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार फरियादी शंभुलाल पिता वरदाजी निवासी मांदला का 14 वर्षीय नाबालिग बेटा सात नवंबर 2018 को गुम हो गया था। उसकी तलाश उपरांत परिजनों ने बालक के अपहरण की शंका जताते हुए एक जनवरी 2019 को छीपाबड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस द्वारा अज्ञात के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर मामला विवेचना में लिया था। थाना प्रभारी राजेश साहू द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम का गठन किया और मामले से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर बालक की तलाश की गई। अपहृत बालक के परिजनों से पूछताछ करने पर बालक द्वारा एक फोन नंबर से बात करने की जानकारी पुलिस को दी।

सायबर सेल हरदा के माध्यम से नंबर की पड़ताल की गई तो लोकेशन अकोला महाराष्ट्र में मिली। थाना प्रभारी द्वारा टीम को महाराष्ट्र के लिए रवाना किया गया। जहां पर स्थानीय पुलिस की सहायता से बालक को खोज निकाला। बालक से पूछताछ करने पर संतोष नामक व्यक्ति द्वारा 20 हजार रुपए में उसे मुरली कोडपे को बेचना बताया गया है। वहां बंधुआ मजदूर बनाकर भेड़ चराने का काम कराया जा रहा था। पुलिस द्वारा तीन जनवरी को आरोपित मुरली पिता देवमण कोडपे निवासी हिवरकेड जिला बुलढाना को अकोला से गिरफ्तार कर बालक को उसके पिता के सुपुर्द किया गया है।

जनवरी को मामले में दूसरे आरोपी संतोष पिता प्यारेलाल बडोले निवासी ग्राम मोरटक्का जिला खंडवा को भी गिरफ्तार किया गया है। जिन पर पूर्व मे दर्ज मामले मे 370, 374, 323, 506, 34 धाराओं की वृद्धि की गई है। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

छीपाबड़ पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज होने के महज चार दिनों में अपहृत बालक को खोजकर मानव तस्कर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इसमे टीआई साहू, एसआई हरिकिशन आठनेरे, एएसआई करणसिंह राजपूत, आरक्षक सुनील गौर, रविंद्र गोयल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।