खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। खंडवा के संत सिंगाजी थर्मल पॉवर से खरगोन जिले के सेल्दा थर्मल पॉवर में कोयले का परिवहन जल्द रेल मार्ग से होगा। इसके लिए खंडवा-सनावद गेज कन्वर्जन के साथ बायपास ट्रैक तैयार किया जा रहा है। मथेला स्टेशन के पास दिल्ली-मुंबई रेलवे रूट के पेरेलर पटरियां बिछाई जा रही हैं। बीड़ से सेल्दा प्लांट को मथेला-निमाड़खेड़ी रूट के जरिए जोड़ा जाएगा। अप्रैल के अंत तक यह रूट तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद कोयले की मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू होगी।

खंडवा से सनावद के बीच 56 किलोमीटर ब्रॉडगेज ट्रैक के साथ नौ किलोमीटर का रूट भी तैयार हो रहा है। नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन के दोनों थर्मल पॉवर प्लांट इस बायपास ट्रैक के जरिए जुड़ जाएंगे। बायपास ट्रैक का कार्य रेलवे द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। मथेला स्टेशन के पास दिल्ली-मुंबई रूट की अप और डाऊन लाइन हैं। इसके पेरेलर बायपास ट्रैक की रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। ट्रैक पर बनी पुलियाओं को भी चौड़ा किया जा रहा है। मथेला स्टेशन के पास ही एक ड्रेनेज पुलिया और एक अंडर पास को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसके ऊपर रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा।

मूंदी रोड पर रेलवे फाटक

खंडवा-मूंदी रोड को बायपास रेलवे ट्रैक क्रॉस करेगा। यहां रेलवे फाटक बनाया जाएगा। रूट पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण यहां फ्लायओवर बनाने का प्रस्ताव भी है लेकिन यह रेलवे, पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी के बीच उलझा हुआ है। अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि रोड ओवरब्रिज कौन बनाएगा। नागचून रोड को क्रॉस कर रहे ट्रैक के लिए रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण चल रहा है।

तीसरी रेलवे लाइन बिछाई

दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर अप-डाऊन की दो लाइन हैं। यहां तीसरी लाइन बिछाई जा रही है। मथेला स्टेशन के पास पुलियाओं को चौड़ा करने और ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। यहां क्रेन की मदद से स्लीपर पाट भी रखे जा रहे हैं। खंडवा-मूंदी रोड के दोनों छोर पर रेलवे ट्रैक तैयार हो गया है।

सभी के मन में एक सवाल खंडवा से सनावद कब चलेगी ट्रेन

मथेला के पास से गुजर रहे बायपास रेलवे ट्रैक का काम तेजी से चल रहा है। यह विकास देखकर लोग खुश हैं लेकिन हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि खंडवा से सनावद के बीच ट्रेन कब चलेगी। 26 माह पहले बंद हुई मीटरगेज ट्रेन के बाद ब्रॉडगेज का इंतजार कर रहे लोगों को कोई जवाब नहीं मिल रहा। रेलवे अधिकारी भी इस संबंध में कुछ स्पष्ट नहीं कह पा रहे। खंडवा स्टेशन पर अब तक बिछी मीटरगेज की पटरियां यह बता रही हैं कि लोगों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

इसका मुख्य कारण है कि खंडवा स्टेशन चार रेलवे जोन को जोड़ता है। यहां स्टेशन परिसर में गेज कन्वर्जन को लेकर जोन और मंडलों में आपसी सामंजस्य नहीं होने के कारण इस कार्य में विलंब हुआ। एक माह पहले ही स्टेशन पर एक बैठक हुई थी जिसमें यह तय किया गया था कि कौन सा मंडल क्या काम करेगा। मंडलों ने काम तो बांट लिए हैं लेकिन इसमें कोई गति नजर नहीं आ रही। ऐसे में खंडवा से सनावद के बीच यात्री गाड़ी के लिए लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा।

ऐसे मिल सकती है यात्रियों को सुविधा

रेलवे ने कोयले के परिवहन के लिए मथेला से बायपास रेलवे ट्रैक तैयार किया है। बायपास ट्रैक के जरिए मथेला से सनावद तक पूरा रेलवे ट्रैक जुड़ेगा। दूसरी ओर खंडवा से मथेला स्टेशन महज सात किलोमीटर दूर है जो रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। रेलवे अगर यात्रियों को सुविधा देना चाहे तो खंडवा से सनावद यात्री ट्रेन वाया मथेला शुरू की जा सकती है।