खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। धोखाधड़ी के मामले में आरोपित सराफा व्यवसायी राधेश्याम सोनी और कर्मचारी भीमा शंकर गिरवी रखे गहनों को बैंक में ज्यादा रुपयों में गिरवी रख देते थे। पुलिस अब दोनों से उन बैंकों के बारे में पता करने में लगी हुई जहां इन्होंने गहने गिरवी रखे हैं। पूछताछ में सराफा व्यवसायी ने दो लोगों के गहनों के बारे में जानकारी दी है। उसने उनका नाम बताते हुए गहने गिरवी रखने की बात कबूल की है।

गिरवी रखे गहनों को हड़पने के अलावा नए गहने बनाने के लिए जमा किए गए रुपयों को हड़पने वाले सराफा व्यवसायी आरोपित राधेश्याम सोनी और उसके कर्मचारी भीमा शंकर की रिमांड का बुधवार को दूसरा दिन रहा। दोनों से लोगों के गहनों को संबंध में पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपितों के पास लोग जो गहने गिरवी रखते थे उनमें से अधिकांश गहनों को वे बैंक में गिरवी रख देते। गोल्ड लोन देने वाली कुछ बैंकों से सोनी और भीमा शंकर ने संपर्क बनाए रखा था। लोगों के गहनों से यहां गिरवी रखकर उन्होंने रुपए ले रखे है। पुलिस अब इन बैंकों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

पूछताछ के दौरान आरोपितों ने दो लोगों के द्वारा गिरवी रखे गहनों के बारे में भी कबूला है। इसके बाद पुलिस अब गहनों को तलाश में लग गई है। कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई ने बताया कि राम रहीम दुकान के संचालक सराफा व्यवसायी आरोपित राधेश्याम सोनी और उसके कर्मचारी भीमा शंकर को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रहे हैं।

प्रयास किया जा रहा है ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनके गहने मिल जाएं। इसके अलावा जो भी नई शिकायत आ रही है उनकी जांच कर रहे हैं। विदित हो कि 15 मार्च को सराफा व्यवसायी आरोपित राधेश्याम सोनी और उसके कर्मचारी भीमा शंकर के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज हुआ है। दोनों को पुलिस ने 18 मार्च को पांच दिन की रिमांड पर लिया है। 22 मार्च को रिमांड खत्म होने पर दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।