खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। हमारे मकान क्यों तोड़ रहे हो, ये जमीन हमने खरीदी है। मकान टूट जाएगा तो हम कहां रहने जाएंगे। छोटे बच्चों पर तो तरस खाओ। आपको यह सब पहले सोचना था। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके मकान क्यों बना लिए। बारिश में जल भराव होगा तो आपको बचाने के लिए हमको ही आना पड़ेगा।

मंगलवार को इमलीपुरा क्षेत्र में स्थित शकर तालाब की जमीन पर अतिक्रमण तोड़ने गए अधिकारियों और लोगों के बीच कुछ इसी तरह की बहस हुई। तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए 16 मकानों को नगर निगम और नजूल विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से तोड़ दिया। मकानों को टूटते देख महिलाएं बिफर गईं। कोई घर से सामान खाली नहीं करने पर अड़ गई तो किसी ने बच्चों की दुहाई देकर मकान नहीं तोड़ने की गुहार अफसरों के सामने लगाई।

एक वृद्धा नगर निगम की प्रभारी कार्यपालन यंत्री वर्षा घिडोडे की कार के सामने लेटकर रोने लगी। महिला पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रही वृद्धा को कार के सामने से उठाया। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में नगर निगम के उपायुक्त प्रेमकुमार सुमन, तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या और पदमनगर थाना प्रभारी शेरसिंह बघेल मौजूद रहे।

कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का कहना था कि उन्होंने यहां जमीन खरीदकर मकान बनाए हैं। किसी ने 20 हजार तो किसी ने 15 हजार में जमीन खरीदी है। हालांकि अधिकारियों के पूछने पर एक भी रहवासी जमीन बेचने वालों का नाम नहीं बता पाया।

मौके पर आने से बचते रहे नजूल अधिकारी

कलेक्टर विशेष गढ़पाले के निर्देश पर नगर निगम और नजूल विभाग की मौजूदगी में शकर तालाब का अतिक्रमण हटाया जाना था। नगर निगम उपायुक्त प्रेमकुमार सुमन, प्रभारी कार्यपालन यंत्री वर्षा घिडोडे, इंजीनियर दिलीप मालवीय, संजय शुक्ला, एचआर पांडे सहित अतिक्रमण दस्ता प्रभारी अजय सारसर टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि सरकारी जमीन पर कहां तक मकान बने हैं। ऐसे में प्रभारी कार्यपालन यंत्री घिडोडे ने नजूल अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क कर कार्रवाई में सहयोग मांगा। उपायुक्त सुमन भी मोबाइल पर नजूल अधिकारियों से संपर्क करते रहे।

तहसीलदार की कार को घेरा

कार्रवाई शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद मौके पर तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या नजूल अधिकारियों साथ मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही उनकी कार को अतिक्रमणकारियों ने घेर लिया। किसी ने कहा कि हम पर ज्यादती हो रही है तो किसी ने कहा कि कार्रवाई से पहले हमें क्यों नहीं बताया गया। महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आ गईं और कहा कि मासूमों को लेकर हम कहां जाएंगे। कार के आसपास भीड़ बढ़ते देख टीआई बघेल और अन्य पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाकर लोगों को खदेड़ा। तहसीलदार ने रहवासियों को समझाइश देकर कहा कि आपने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है इसलिए कार्रवाई हो रही है।

साढ़े 16 एकड़ जमीन में फैला है शकर तालाब

इमलीपुरा क्षेत्र स्थित शकर तालाब नजूल रिकॉर्ड में साढ़े 16 एकड़ जमीन में फैला हुआ है। वर्तमान में यहां महज 10 एकड़ जमीन खाली रह गई है। साढ़े छह एकड़ जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना लिए हैं। 10 एकड़ की खाली जमीन पर भी लोगों ने प्लॉट काटकर मकान बनाना शुरू कर दिए थे। मौके पर अधिकारियों ने अलग-अलग प्लॉट के लिए डाली गई चूने की लकीर भी देखी। यहां हाल ही में अतिक्रमण करके बनाए गए नए 16 मकानों को तोड़कर अधिकारियों की टीम लौट गई। जिन लोगों के मकान टूटे उनका कहना था कि तालाब की जमीन पर वर्षों से जमे अतिक्रमण को क्यों नहीं तोड़ा जा रहा है। इस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।

चल रहा है तालाब के गहरीकरण का काम

शकर तालाब के गहरीकरण का काम जिला प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। यहां जेसीबी से खुदाई कर डंपरों से काली मिट्टी खाली की जा रही है। बारिश से पूर्व तालाब को करीब डेढ़ फीट तक खुदाई कर गहरा किया जाएगा। विदित हो कि पिछले वर्ष तेज बारिश के कारण शकर तालाब में अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों में पानी घुस गया था। नगर निगम की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को बचाना पड़ा था।

इन क्षेत्रों में भी लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण

सरकारी जमीन पर कब्जा करके लोगों द्वारा धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं। चीराखदान क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां संगीत कॉलेज के लिए स्वीकृत जमीन ही खाली नहीं बची है। इसी तरह दूध तलाई के आसपास भी लोगों ने टपरियां बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। कुछ लोगों ने तो पक्के मकान भी बना लिए हैं। इसी तरह की स्थिति सिंघाड़ तलाई क्षेत्र में भी देखी जा सकती है। चंपातालाब क्षेत्र में नाले के किनारे लोगों ने मकान बना लिए हैं। बारिश में हर बार निगम की टीम को यहां से मकान खाली कराने पड़ते हैं।

16 रहवासियों के तोड़े मकान

नगर निगम की टीम ने शकर तालाब में अतिक्रमण करने वाले लिल्लू, सोएब, आजम, फिरोज खान, सकीला बी, नूर बी, जाकिर हुसैन, सद्दाम अहमद, शरीफ शाह, मोहम्मद इमरान, हमीदा, वसीम, शेख सलीम, आबिद, मोहम्मद इस्माइल के मकान तोड़े हैं। निगम उपायुक्त प्रेमकुमार सुमन का कहना है हमें नए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, जिन्हें हटा दिया गया है। आगामी आदेश मिलने पर शेष अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।

थाने के गेट के पास तरबूज दुकान

अतिक्रमण का एक नजारा कोतवाली थाने के पास भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां थाने के गेट के पास ही एक व्यक्ति ने तरबूज की दुकान लगा ली है। हालांकि नगर निगम द्वारा निश्चित राशि लेकर तरबूज व्यवसायियों और गन्ना चरखी वालों को जगह उपलब्ध कराई जा रही है लेकिन इसमें नियमों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। जिला अस्पताल के गेट के ठीक नजदीक भी गन्ना चरखी लगाने वाले को जगह दे दी गई है। जबकि यहां से रोजाना वाहनों का आवागमन होता है।