बालसमुद (बड़वानी)। आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 स्थित एकीकृत परिवहन जांच चौकी पर बुधवार रात से वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। मालवाहक वाहनों के दस्तावेज सिस्टम में फीड करने व चेक करने में लग रहे अधिक समय के कारण यह स्थिति निर्मित हो रही है। इस दौरान गुरुवार को भी फोरलेन पर 3 किमी तक वाहनों की कतारें देखी गईं। पिछले दो वर्ष की स्थिति देखी जाए तो लगभग 16 बार बैरियर पर जाम के हालात बने और इसमें जनता के हजारों घंटे बर्बाद हुए हैं।

बीओटी परियोजना अंतर्गत एमपीआरडीसी ने निजी कंपनी एमपी बीसीडीसीएल को अनुबंध कर 18 लेन सड़क और कथित अत्याधुनिक एकीकृत परिवहन जांच चौकी के निर्माण व संचालन का दायित्व सौंपा गया है। सहयोगी व अन्य कंपनियों में प्रमुख आईएल एंड एफएस ने 5 अप्रैल 2013 से बैरियर को संचालित करने का काम शुरू करने के पश्चात यहां आए दिन जाम व विवाद की स्थिति अनेक बार निर्मित हुई है। ताजा मामले में 24 दिसंबर को दोपहर से 25 दिसंबर तक 30 घंटे जाम 3 किमी तक जाम लगा और वाहन चालक परेशान होते रहे।

लगभग 21 माह के अंतराल में जाम के हालात इस प्रकार रहे * 6 अप्रैल 2013 को 24 घंटे 7-7 किमी * 6 अप्रैल 2013 को दोनों ओर 7 किमी तक 24 घंटे * 8 अप्रैल 2013 एक किमी * 28 अप्रैल 2013 एक किमी * 5 मई 2013 को फोरलेन पर 1 किमी * 1 जुलाई 2013 को 5 घंटे * 5 जुलाई 13 को 10 घंटे * 3 फरवरी 2014 को 8 घंटे * 17 मई 2014 को 3-3 किमी तक 12 घंटे * 18 मई 2014 को 7 किमी तक 24 घंटे * 7 जून 2014 को 21 घंटे तक 7 किमी * 26 जून 2014 को 7 किमी 13 घंटे * 27 जुलाई 2014 को 24 घंटे 8 किमी। * 19 अक्टूबर 2014 को 4 किमी 20 घंटे * 24 दिसंबर-14 को 3 किमी, 30 घंटे।

सेंटर लाइन के कैमरे बंद

जाम के दौरान यात्री वाहनों के निकलने के लिए सेंटर लाइन बनाई गई है, लेकिन कुछ कथित लोगों ने यहां से धंधा बना लिया है। सूत्रों की मानें तो सेंटर लाइन पर बुधवार रात को जाम का नजारा कैमरों में कैद न हो इसलिए कैमरे बंद कर दिए गए। यह पहली बार नहीं हो रहा है। मौका पाकर सक्रिय हुए कुछ लोग कुछ रुपयों की खातिर ट्रकों को सेंटर लाइन से पास कराने के काम में जुट जाते हैं।

धीमी प्रक्रिया से परेशानी

बैरियर के बूथों पर कंपनी के ऑपरेटरों द्वारा सेल टैक्स की बहती फार्म 59, फार्म 49, कच्चे माल की इंट्री तथा परिवहन का परमिट, फिटनेस आदि इस प्रकार 4 प्रकार की इंट्री की जाती है। इसमें एक से लेकर 10 दस्तावेज होते हैं। इस कार्य में अधिक समय लगने से जाम के हालात बन जाते हैं और वाहनों का जमावाड़ा हो जाता है। जबकि एकीकृत जांच चौकी पर मंडी, वन आदि का काम बूथों पर नहीं हो रहा है। यदि यह काम भी होने लगे तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात क्या होंगे?

व्यवस्था या सिस्टम में कोई समस्या नहीं है। अचानक ट्रैफिक बढ़ने से इस तरह की स्थिति बनी है। हम खुद आश्चर्यचकित हैं कि अचानक इतना ट्रैफिक कैसे बढ़ गया?-कुलदीप कौशिक, मैनेजर अल्सामैक्स कंपनी, बालसमुद