सनावद (खरगोन)। जिले में चल रहे सेल्दा-डालची प्लांट के लिए लाई जा रही विद्युत पोल लाइन को लेकर गुरुवार को जमकर विरोध हुआ। मुख्यालय से पांच किमी दूर ग्राम साला में खेतों में खड़ी फसल दिखाकर एक किसान ने न केवल विरोध किया अपितु हाथ में कीटनाशक की शीशी लेकर पीने की धमकी तक दे दी।

लगभग दो घंटे विरोध के बाद प्रशासनिक और एनटीपीसी अमला जेसीबी और अन्य मशीनरी लेकर लौट गया। एसडीएम ने जहां किसान को समझाइश दी, वहीं एनटीपीसी अधिकारियों से भी पूछताछ की।

उल्लेखनीय है कि ओंकारेश्वर से प्लांट स्थल तक विद्युत आपू के लिए बीच रास्ते पोल स्थापित करना प्रस्तावित है। पूर्व में भी इसी क्षेत्र में किसानों ने जमकर विरोध किया था। निर्माण स्थल पर आशंका को देखते हुए एसडीएम मधुवंतराव धुर्वे मौके पर पहुंचे।

बर्बाद जमीन के बदले मिले नई जमीन

गांव के किसान मुकेश अनोखीलाल ने अधिकारियों को बताया कि पहले भी उसकी जमीन पर नहर निर्माण हो चुका है। इससे उसकी जमीन बर्बाद हो चुकी है। यदि पोल स्थापित किए जा रहे हैं तो उन्हें नए स्थान पर जमीन उपलब्ध करा दी जाए। हल निकलता नहीं देख मुकेश ने कीटनाशक पीने की धमकी देते हुए शीशी मुंह तक अड़ा ली। उधर धुर्वे ने किसान को समझाइश देते हुए कहा कि उसकी नुकसानी का पूरा मुआवजा दिया जाएगा।

इनका कहना है


किसान की समस्या सुनी है। उनकी सुविधा के लिए पहले भी छह के स्थान पर केवल चार टावर स्थापित किए जाएंगे। मुआवजा राशि 4 लाख 44 हजार रुपए दी जाएगी। किसी भी किसान का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

-एके निगम, एजीएम परियोजना, एनटीपीसी