बनखेड़ी (होशंगाबाद)। हमारी शिक्षा पद्धति में कमी है, हमारे अंदर वसुदैव कुटुम्बकम् का भाव जागृत नहीं हो पाया । इसलिए हमारे समाज में छेड़छाड़, दुष्कर्म और अन्य आपराधिक घटनाओं का इजाफा हो रहा है ।

यह बात राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने रविवार को बनखेड़ी में नवीन छात्रावास के लोकार्पण के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कही।

राज्‍यपाल ने कहा कि देश की आजादी के बाद से ही मैकाले की शिक्षा पद्धति देश में लागू है और यह पद्धति देश में क्लर्क तो बना सकती है, लेकिन परिवार का भाव नहीं ला सकती है।किसान अब जागृत हो रहा है ।

उन्‍होंने कहा कि किसान को बिजनेसमैन बनना होगा। जमीन का स्वास्थ खराब हो तो हम दवा से ठीक कर लेते हैं, लेकिन जमीन अच्छी है तब भी हम उसमें दवा, खाद डालें तो यह ठीक नहीं है। यह अच्छे बिजनसमैन के लक्षण नहीं हैं। किसान सोलर ऊर्जा का उपयोग करें जिससे बिजली की बचत होगी यह भी एक लाभ है।

राज्यपाल भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास परिसर में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रशासनिक भवन के लिए भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रभारी कृषि वैज्ञानिक से भी चर्चा की। राज्यपाल ने लड़कियों के कुपोषण पर बोलते हुए कहा कि आम तौर पर माता पिता भी लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव करते हैं, जो महिलाएं अपने परिवार को आगे बढ़ाती हैं वो ही कुपोषण से जूझ रही होती है। उन्होंने आव्हान किया कि सभी माता-पिता अपने बच्चों का हीमोग्लोबिन चेक कराएं और स्कूलों में भी यह लागू होना चाहिए ।