निवास। नईदुनिया न्यूज

मां नर्मदा की परिक्रमा करने का विचार तो हर किसी के मन में आता है लेकिन ये सौभाग्य हर किसी को नहीं मिल पाता। कुछ ही भाग्यशाली लोग ही मां नर्मदा की परिक्रमा कर पाते हैं। इनमें से कुछ का उद्देश्य जन कल्याण तो कुछ का अपने परिवार में सुख शांति होता है। मंगलवार को क्षेत्र में ऐसे परिक्रमा वासियों का आगमन हुआ जो मां नर्मदा को प्रदूषण मुक्त कराने का संकल्प लेकर निकले हैं। इस जत्थे में पांच जिलों के पांच परिवार शामिल हैं।

ओमकारेश्वर से शुरू की यात्रा

उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले ओमकारेश्वर के पास गौ मुख से परिक्रमा प्रारंभ की है। इस जत्थे में सुरेश चौबे उज्जैन जिले से, नारायण तारे बड़वानी जिले से, अनिल और उनकी धर्म पत्नी अन्नपूर्णा शर्मा उज्जैन जिले से, बाबूलाल और उनकी पत्नी बुद्धि बाई धार जिले से, बनवारी लाल शाजापुर जिले से, किशोरीलाल और उनकी पत्नी सरिता खरगोन जिले से शामिल हैं। सभी ने मिलकर केवल नर्मदा को प्रदूषण मुक्त कराने और लोगों में जजागृति लाने के लिए ये परिक्रमा शुरू की है। उन्होंने बताया कि ये परिक्रमा 45 दिनों तक चलेगी।

हर घाट में करते हैं सफाई

बताया गया कि जीवन दायनी मां नर्मदा के हर घाट में जाकर इनके द्वारा सफाई की जाती है। पूरा कचरा एक जगह एकत्रित कर आग लगा दी जाती है। साथ ही नर्मदा भक्त ो से नर्मदा को इसे प्रदूषण मुक्त रखने और कचरा घाट में न फेंकने का संदेश दिया जाता है। परिक्रमा कर रहे लोगों का कहना है कि अगर हम लोग अभी नहीं जागे तो वो दिन दूर नहीं जब यमुना, गोदावरी, सरयू, शिप्रा और गंगा जैसे ही नर्मदा प्रदूषित हो जाएगी।

नर्मदा तट में पहुंचकर दे रहे प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश

17एमडीएल8,9 निवास। परिक्रमा पर निकला पांच परिवारों का जत्था।