ग्वालियर। लोकसभा निर्वाचन-2019 के लिए नामांकन दाखिले के पहले दिन सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया के प्रत्याशी सुनील गोपाल ने नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही ग्वालियर से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह और भाजपा प्रत्याशी विवेक शेजवलकर ने नामांकन फॉर्म मंगवाए।

कुल 9 नामांकन फॉर्म मंगलवार को लिए गए। रिटर्निंग अधिकारी अनुराग चौधरी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कक्ष में एआरओ के साथ बैठे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नामांकन प्रक्रिया की शुरूआत की गई। एक प्रत्याशी नामांकन फॉर्म लेने ऐसे भी आए जो अपने साथ जमानत राशि के रूप में 25 हजार रुपए के नए सिक्के बैंक से निकालकर लाए थे, सिक्के देख अफसर भी चौंक गए।

ज्ञात रहे कि मंगलवार से नामांकन दाखिले का सिलसिला शुरू हो गया। इस बार प्रत्याशियों को पांच ही दिन नामांकन दाखिले के लिए मिलेंगे। 17 अप्रैल, 19 अप्रैल और 21 अप्रैल को अवकाश के कारण इस दिन नामांकन नहीं भरे जाएंगे। अब 18 अप्रैल को नामांकन दाखिले का दूसरा दिन होगा। कलेक्ट्रेट के मेन गेट से लेकर रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष तक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। फॉर्म लेने आने वालों से लेकर नामांकन दाखिले तक सभी की वीडियोग्राफी कलेक्ट्रेट कक्ष में कराई जा रही है।

केशवराय ने डेढ़ माह पहले ही बना लिया था सिक्के देने का प्लान

लक्ष्मीगंज में रहने वाले केशवराय चौधरी नामांकन फॉर्म लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमानत राशि के रूप में जमा करने के लिए 25 हजार के सिक्के ले आए। पॉलीथिनों में सिक्के देख अफसर भी हैरत में पड़ गए। पहले स्टाफ ने यहां-वहां जाने को कहा, लेकिन बाद में सिक्के लेने ही पड़े।

केशव राय चौधरी ने बताया कि वे निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और सिक्के लाने के पीछे कुछ नया करने का मकसद था। आमतौर पर बाजारों में कोई सिक्के नहीं लेता है, इसलिए जमानत राशि के तौर पर बैंक से नए सिक्कों के पैकेट लिए और जमा कर दिए। 20 हजार के 10 रुपए के सिक्के और 2 के सिक्के पांच हजार के थे।

डेढ़ माह पहले ही केशव ने यह प्लान बना लिया था और बैंक से सिक्कों के लिए बात भी कर ली थी। सिक्के नए विशेष रूप से मांगे थे। रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष में वीडियोग्राफी में सिक्के गिने गए। चुनाव लड़ने के पीछे मकसद केशव ने बताया कि चंबल का पानी शहर में नहीं आ पा रहा है। रेलवे की जमीनें बेकार पड़ी हैं। विकास ठीक से नहीं हुआ, यह सब सुधार के लिए चुनाव में उतरे हैं।