भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी अपने प्रत्याशियों की सूची फाइनल करने में जुट गए हैं। बसपा होली के बाद प्रत्याशियों की घोषणा करेगी। विधानसभा चुनाव में आमने-सामने रहे सपा-बसपा ने लोकसभा के लिए चुनावी गठबंधन कर लिया है।

तीन सीटों पर सपा चुनाव लड़ेगी, बाकी 26 सीटें बसपा के लिए छोड़ी गई हैं। बालाघाट सीट को लेकर पेंच आ गया है। बसपा चाहती है कि बालाघाट में वह अपना प्रत्याशी खड़ा करे और सपा उसके बदले मंडला सीट पर चुनाव लड़े।

मध्य प्रदेश में बसपा ने होली के बाद चुनाव समिति की बैठक बुलाने का निर्णय किया है। शुरूआती दौर में ही सपा-बसपा ने चुनावी गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा कर लिया। इसके तहत सपा को बालाघाट, खजुराहो और टीकगमढ़ सीट दी गई है। बाकी सीटों पर बसपा अपने प्रत्याशी खड़े करेगी।

बसपा ने सबसे पहले मुरैना, सतना और गुना से अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, जबकि सपा ने 14 मार्च को देर रात टीकमगढ़ सीट से अपने प्रत्याशी के रूप में रतिराम बंसल के नाम का एलान किया है। खजुराहो और बालाघाट के प्रत्याशी का मामला विचाराधीन बताया जा रहा है।

इस बीच बालाघाट सीट को लेकर दोनों के बीच मतभेद उभरने लगे हैं। बसपा ने भी बालाघाट सीट पर अपनी दिलचस्पी जता दी है, पार्टी का कहना है कि यह सीट वह अपने पास ही रखेगी, लेकिन सपा को प्रदेश में इसी एक सीट से सर्वाधिक उम्मीदें हैं। सपा का कहना है कि बालाघाट सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव में उसके प्रत्याशी को 99 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, इस बार संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों पर उसकी अच्छी तैयारी है।

दोनों पार्टी प्रमुखों के बीच हुई चर्चा

बताया जाता है कि बालाघाट सीट पर बसपा अपना प्रत्याशी खड़ा कर आदिवासी बहुल मंडला सीट सपा के लिए छोड़ना चाहती है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष डीपी अहिरवार का भी यही कहना है कि हमारी रुचि बालाघाट में ज्यादा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच कुछ चर्चा हुई है, लेकिन फिलहाल दोनों की ओर से कुछ भी घोषित नहीं किया गया है।

सपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता यश यादव का कहना है कि इस संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से औपचारिक घोषणा होना बाकी है। वैसे प्रदेश में इस समय समाजवादी पार्टी का प्रदेश संगठन भंग है। प्रदेश के पूर्व पदाधिकारियों का कहना है कि सभी कार्यकर्ताओं को तीनों सीटों पर पूरी ताकत से जुटने को कहा गया है, उसके बाद ही संगठन की नई प्रदेश इकाई गठित होगी।